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    आपदा में फंस गए मणिमहेश श्रद्धालु तो परवेज अली ने रात 11 बजे खोल दिए कॉलेज के दरवाजे, 200 लोगों के लिए की व्यवस्था

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 06:45 PM (IST)

    Manimahesh Yatra चंबा में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मणिमहेश यात्रा के हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। बनीखेत में प्रशासन और समाजसेवियों ने मोर ...और पढ़ें

    बट्ट कॉलेज आफ नर्सिंग में मणिमहेश श्रद्धालुओं से बात करते परवेज अली बट्ट व उनके भाई। जागरण
    बट्ट कॉलेज आफ नर्सिंग में मणिमहेश श्रद्धालुओं से बात करते परवेज अली बट्ट व उनके भाई। जागरण

    जागरण टीम, डलहौजी। Manimahesh Yatra, हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में भारी बारिश और लगातार भूस्खलन के कारण रात को बनीखेत से लेकर केरु पहाड़ तक हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिससे हजारों मणिमहेश यात्री रास्ते में फंसकर बड़ी परेशानी में आ गए। इन श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था प्रशासन ने बनीखेत के सामुदायिक भवन व सरकारी स्कूल में की गई थी। दोनों स्थानों पर 300 से 400 मणिमहेश यात्रियों से भवन भर गए।

    जब सरकारी भवन भर गए तो वहीं बोंखरी मोड़ स्थित बट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संचालक परवेज अली बट्ट और दिलदार अली बट्ट ने भी इंसानियत का परिचय देते हुए मदद को हाथ बढ़ाए। परवेज अली बट्ट व दिलदार अली बट्ट ने भी रात 11 बजे अपने संस्थान के दरवाजे मणिमहेश श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए।

    रात को दूध व चायपान का प्रबंध भी किया

    उन्होंने लगभग 200 मणिमहेश यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था करवाई। इतना ही नहीं रात 11 बजे इन्होंने स्वयं संस्थान में पहुंचकर बच्चों के लिए दूध व अन्य लोगों के लिए चायपान की व्यवस्था भी करवाई। सुबह चाय व नाश्ते का प्रबंध भी किया। इससे रातभर फंसे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।

    आशीर्वाद अस्पताल में भी की 100 लोगों के लिए व्यवस्था

    आशीर्वाद अस्पताल बनीखेत की संचालक डा. वंदना लखनपाल ने अपने अस्पताल व होटल में लगभग 100 मणिमहेश यात्रियों को रुकवाया। सुबह करीब साढ़े सात बजे मार्ग बहाल होने पर यात्री यहां से रवाना हो गए हैं।

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    सुबह सात बजे मार्ग बहाल होने पर निकले श्रद्धालु

    शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मार्ग आंशिक रूप से बहाल किया गया तो श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और बड़ी संख्या में यात्री पठानकोट की ओर रवाना हो गए। लेकिन रास्ते में आगे भी जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण श्रद्धालु एक बार फिर से मार्ग में फंस गए।

    समाजसेवी व प्रशासन कर रहे मदद 

    प्रशासन ने मौके पर मशीनरी लगाकर सड़क को बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं और श्रद्धालुओं को आश्वासन दिया कि सुबह 10 बजे के बाद मार्ग को सुचारू कर दिया। रास्ते में बार-बार फंसे श्रद्धालु इस कठिनाई के बावजूद प्रशासन और समाजसेवियों की मदद से सुरक्षित हैं।

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