भारी बारिश... उफनता नाला और अंधेरा, मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे 5 श्रद्धालु; रेस्क्यू टीम मौत के मुंह से निकाल लाई
भारी बारिश और फिसलन के कारण मणिमहेश यात्रा पर निकले हैदराबाद के पांच श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ों में फंस गए। भरमौर प्रशासन, पुलिस और पर्वतारोहण दल ने उन् ...और पढ़ें

मणिमहेश यात्रा मार्ग से सुरक्षित निकाले गए हैदराबाद के श्रद्धालु। जागरण
HighLights
मणिमहेश यात्रा पर हैदराबाद के पांच श्रद्धालु फंसे।
भारी बारिश, फिसलन और अंधेरे में फंसे यात्री।
भरमौर प्रशासन ने रात में सुरक्षित रेस्क्यू किया।
संवाद सहयोगी, भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच मणिमहेश यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं। वे भारी वर्षा और जानलेवा फिसलन के बीच दुर्गम पहाड़ियों में फंस गए। हालांकि, भरमौर प्रशासन, पुलिस और पर्वतारोहण दल की मुस्तैदी से एक बेहद दर्दनाक हादसा टल गया। घने अंधेरे और लगातार बरसती आफत के बीच रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डालकर हैदराबाद के पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
अंधेरे व बारिश में फंस गए
जानकारी के अनुसार हैदराबाद से आए ये पांचों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के लिए निकले थे। यात्रा मार्ग पर दुनाली और तोष के गोठ के बीच पहुंचते ही मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। मूसलाधार वर्षा और फिसलन भरे बेहद दुर्गम रास्तों के कारण श्रद्धालुओं का आगे या पीछे बढ़ना पूरी तरह असंभव हो गया और वे बीच रास्ते में ही जिंदगी और मौत के बीच फंस गए।
प्रशासन ने भेजी रेस्क्यू टीम
हड़सर के लोगों की ओर से घटना की सूचना मिलते ही भरमौर प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सोमवार रात करीब नौ बजे आठ सदस्यीय संयुक्त रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। इस जांबाज टीम की अगुवाई पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक अनिल वालिया और पर्वतारोहण दल की तरफ से अनुदेशक पंकज महंत कर रहे थे।
दो घंटे में रेस्क्यू कर लिए श्रद्धालु
अत्यंत विपरीत परिस्थितियों, घने अंधेरे और बहते पानी के बीच रेस्क्यू टीम ने अद्भुत साहस और सटीक तालमेल का परिचय दिया। महज दो घंटे के भीतर, यानी रात करीब 11 बजे टीम ने सभी पांचों श्रद्धालुओं को सकुशल ढूंढ निकाला और उन्हें सुरक्षित हड़सर पहुंचा दिया। राहत की बात यह है कि मौत को मात देकर लौटे सभी श्रद्धालु पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस समय पहाड़ों पर मौसम अत्यंत प्रतिकूल और खतरनाक बना हुआ है। मेरी सभी श्रद्धालुओं से विनम्र अपील है कि वे प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का सख्ती से पालन करें। जब तक मौसम पूरी तरह साफ और अनुकूल न हो जाए, तब तक यात्रा शुरू करने का जोखिम न उठाएं।
-विकास शर्मा, एडीएम, भरमौर।
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