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पांगी में एक साथ उठी पिता-पुत्र, पति-पत्नी व सहेलियों की अर्थी; लाहुल हादसे से सिसकियों में डूबा क्षेत्र

By Mithun Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 25 Jul 2026 06:49 PM (IST)

पांगी में हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत से पूरा जनजातीय उपमंडल शोक में डूब गया है। ...और पढ़ें

लाहुल सूमो हादसे के मृतकों के पांगी में चंद्रभागा नदी किनारे जलते शव।

लाहुल सूमो हादसे के मृतकों के पांगी में चंद्रभागा नदी किनारे जलते शव।

HighLights

  1. पांगी सड़क हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हुई।

  2. पति-पत्नी, पिता-पुत्र व दो सहेलियों की एक साथ अर्थी उठी।

  3. टाटा सूमो पर चट्टानें गिरने से हुआ भीषण हादसा।

कृष्ण चंद राणा, पांगी (चंबा)। नियति जब क्रूर होती है तो पल भर में खिलखिलाते परिवारों की खुशियां छीनकर मातम में बदल देती है। तांदी-संसारी नाला मार्ग पर कढू नाला के समीप शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे जनजातीय उपमंडल पांगी को गहरे और कभी न भरने वाले शोक में डुबो दिया है। शनिवार को जब एक साथ घाटी के अलग-अलग गांवों से कई अर्थियां उठीं, तो हर इंसान का कलेजा मुंह को आ गया।

चंद्रभागा और सैचू नाला के किनारे जलती चिताओं के बीच हवा में तैरती सिसकियां और अपनों का कारुणिक विलाप पूरे क्षेत्र को गमगीन कर रहा था।

एक साथ उठीं पति-पत्नी की अर्थियां

ग्राम पंचायत साच के साच और घीसल गांव से एक साथ पांच अर्थियां उठीं। साच गांव में एक ही घर से पति बुद्धि सिंह और पत्नी कमला कुमारी का शव एक साथ निकला। सात फेरों के समय साथ जीने-मरने की उठाई गई कसमों को मानों दोनों ने अंतिम सांस तक निभाया। 

इसी गांव के एक अन्य घर से जब युवा अनिल कुमार की देह उठी, तो उसके बुजुर्ग माता-पिता बेसुध हो गए। तीनों का अंतिम संस्कार साच घराट स्थित चंद्रभागा नदी के तट पर किया गया।

पिता-पुत्र का सैचू नाला में संस्कार

घीसल गांव में पिता वीर सिंह और उनके बेटे की अर्थी जब एक साथ निकली, तो वहां मौजूद हर शख्स फफक-फफक कर रो पड़ा। पत्नी और माता-पिता बार-बार बेसुध हो रहे थे। नियति के इस क्रूर खेल के बीच बस एक ही गनीमत रही कि वीर सिंह अपने छोटे बेटे को रास्ते में तिंदी अपनी साली के घर छोड़ आए थे, जिससे उसकी जान बच गई। दोनों का अंतिम संस्कार सैचू नाला के पास किया गया।

दो सहेलियां, दो चिताएं और एक दर्द

साहली पंचायत के हिलौर और धनाला गांवों में भी मातम छाया रहा। यहां अंजना कुमारी और रेखा कुमारी की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। सैचू नाला के किनारे जब दो चिताएं एक साथ जलीं, तो उपस्थित जनसमूह की आंखें छलक पड़ीं। 

सूमो पर दरका था पहाड़

शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही कुल्लू से किलाड़ आ रही टाटा सूमो पर पहाड़ी से चट्टानें गिरने की खबर घाटी में फैली तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। हर कोई अपने स्वजन की कुशलक्षेम जानने के लिए बदहवास होकर फोन मिलाने लगा। लेकिन पांगी घाटी की वर्षों पुरानी नेटवर्क समस्या इस दुखद घड़ी में भी लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कती रही। कई परिवार घंटों तक अपने स्वजन की कोई खबर न मिलने से अनहोनी की आशंका में तड़पते रहे। इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। 

रात को घरों में पहुंचे शव

हादसे की सूचना मिलते ही आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह, विकास खंड अधिकारी आस्था पवार, नायब तहसीलदार (साच) नाजिर खान पुलिस व प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम राहत कार्य व पोस्टमार्टम की कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शवों को स्वजनों के सुपुर्द किया गया। देर रात जब एंबुलेंस के सायरन के बीच शव गांवों में पहुंचे, तो सन्नाटे को चीरती चीखों ने पूरे क्षेत्र का दिल दहला दिया।

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