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कांगड़ा के कमर्शियल वाहन ऑपरेटर ATS के विरोध में फिर लामबंद, DC नहीं मिले तो हनुमान मंदिर में लगाई गुहार

By Rajinder Dogra Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 20 Apr 2026 05:54 PM (IST)

वाणिज्यिक वाहन संचालक कांगड़ा के गाहलियां स्थित एटीएस के विरोध में फिर एकजुट हुए हैं। चक्काजाम के बाद मिले आश्वासन ...और पढ़ें

धर्मशाला में हनुमान मंदिर परिसर में पहुंचे कमर्शियल वाहन ऑपरेटर। जागरण

धर्मशाला में हनुमान मंदिर परिसर में पहुंचे कमर्शियल वाहन ऑपरेटर। जागरण

HighLights

  1. गाहलियां एटीएस के विरोध में वाहन ऑपरेटर फिर एकजुट।

  2. उपायुक्त से मुलाकात न होने पर हनुमान मंदिर में फरियाद।

  3. 22 अप्रैल तक समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।

संवाद सहयोगी, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में गाहलियां स्थित एटीएस यानी ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन के विरोध में कमर्शियल वाहन ऑपरेटर फिर लामबंद हो गए हैं। चक्काजाम के बाद मिले आश्वासन के 15 दिन बीतने के बाद सोमवार को उपायुक्त कांगड़ा से मिलने पहुंचे। कमर्शियल वाहन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की डीसी से मुलाकात नहीं हो पाई। रोष स्वरूप पदाधिकारी कचहरी स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और अपनी मांगें भगवान के समक्ष रखते हुए न्याय की फरियाद की।

नहीं हो रही सुनवाई

व्यवसायिक वाहन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्की पठानिया ने कहा कि बार-बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में अब उन्हें भगवान पर ही भरोसा रह गया है। उन्होंने कहा कि सात दिन का समय कब का बीत चुका है, लेकिन आज 15 दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

...तो आंदोलन करेंगे

उन्होंने कहा कि अब 22 अप्रैल को उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी। यदि उस दिन भी कोई समाधान नहीं निकलता, तो आंदोलन की अगली रणनीति तुरंत तैयार की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान सभी व्यवसायिक वाहन आपरेटर्स अपने परिवारों, महिलाओं और बच्चों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। 

उन्होंने कहा कि उनका विरोध अब स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री, राहुल गांधी से लेकर राष्ट्रपति तक सभी का घेराव किया जाएगा, ताकि उनकी आवाज देश के उच्चतम स्तर तक पहुंच सके। 

समिति ने दो टूक कहा कि यदि 22 अप्रैल की मुलाकात के बाद भी समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी

6 अप्रैल को किया था चक्काजाम

गौरतलब है कि रानीताल (गाहलियां) स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी एटीएस के विरोध में 6 अप्रैल को हुए बड़े चक्का जाम और हड़ताल के दौरान डीसी. कांगड़ा ने 7 दिन के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 20 अप्रैल तक पूरे 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।

ये है मांग 

व्यवसायिक वाहन संघर्ष समिति मांग यह है कि जब तक जिला में कम से कम 10 एटीएस सेंटर नहीं खुलते तक तक पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए। जिससे कि वाहन संचालकों को असुविधा न हो। गाहलियां सभी तरफ से बहुत दूरी पर है और इससे उन्हें आर्थिक के साथ-साथ उनके समय की भी बर्बादी होगी।

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