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    हिमाचल विधानसभा: नेगी की टिप्पणी से आग बबूला हुए जयराम, 'खाल में रहें, भूमि सौदों से पर्दे उठेंगे' ...इन्हें सहने की मजबूरी नहीं

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 27 Nov 2025 02:24 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मंत्री ने सारी हदे ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. राजस्व मंत्री पर बदतमीजी का आरोप

    2. भूमि सौदों पर श्वेत पत्र की मांग

    3. विधानसभा में विपक्ष का हंगामा

    जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान के बाद खूब हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन में राजस्व मंत्री ने बदतमीजी की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्हें चेतावनी देते हैं कि वह खाल में रहें।

    प्रदेश में भूमि के 118 में सौदों को लेकर क्या चल रहा है। कौन लोग नीचे से सीधी फाइल बाइहैंड लाते हैं। कौन लोग हैं, जो कहते हैं कि दो दिन में आपका काम करवाते हैं। इन सबसे पर्दे उठने वाले हैं।

    विपक्ष नहीं सुनेगा नेगी की बात

    मुख्यमंत्री की मजबूरी हो सकती है राजस्व मंत्री को सुनने की, हमारी कोई मजबूरी नहीं हैं। विधानसभा अध्यक्ष को भी कहा है कि इसी प्रकार से भाषा का प्रयोग राजस्व मंत्री करते रहे तो पूरे सदन में उनकी बात को विपक्ष नहीं सुनेगा। जयराम ठाकुर सदन के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे।

    विषय के बजाय सराज पहुंच गए

    उन्होंने कहा कि आज सत्ता पक्ष से राजस्व मंत्री ने जब बोलना शुरू किया। जिस विषय पर नोटिस दिया है जिस विषय पर चर्चा चली है, उस पर नहीं बोले। राजस्व मंत्री शुरू भी सराज से होते हैं और खत्म भी जयराम ठाकुर पर व सराज पर करते हैं। 

    ऐसा व्यक्ति सहने की हमारी कोई मजबूरी नहीं 

    जयराम ने कहा कि हम सुनते रहे काफी हद तक, लेकिन उन्होंने बोलते वक्त बदतमीजी की सारी सीमाएं लांघ दीं। यह शब्द मुझे पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है। उनकी हर वक्त की आदत बन गई है। सरकार की मजबूरी हो सकती है, ऐसा व्यक्ति सहने की हमारी कोई मजबूरी नहीं है।

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    हमें मौका नहीं दिया, उनकी बात को रिकॉर्ड में जाने दिया

    जब हमने सदन के भीतर अध्यक्ष से आग्रह किया कि अपनी बात कहने दी जाए मौका नहीं दिया गया और उनकी बात को रिकॉर्ड में जाने दिया। उस पर आपत्ति थी, जिन शब्दों का प्रयोग वह कर रहे कार्यवाही में रखने लायक नहीं थे आग्रह किया कि यह शब्द हटाए जाएं, लेकिन नहीं हटाए गए।

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    आपदा प्रभावितों पर नेगी ने एफआईआर करवाई

    आपदा में सराज में 33 लोगों की जिंदगी चली गई है। अभी तक 11 लोगों के शव मिले हैं 22 लोगों के शव नहीं मिले हैं। ऐसे लोगों पर राजस्व मंत्री ने एफआइआर दर्ज करवाई है। तीन मामले आपदा में दर्ज किए गए हैं। 

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    सरकार का क्या हश्र होगा, वक्ता दिखाएगा

    सदन के भीतर कार्यवाही में रखने लायक शब्द नहीं है। उन शब्दों का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस सरकार का क्या हश्र होगा यह आने वाला वक्त दिखाएगा।