धर्मशाला में टूरिज्म में बड़ा उछाल, 2026 की पहली छमाही में पहुंचे रिकॉर्ड 6 लाख से ज्यादा पर्यटक
धर्मशाला में पर्यटन ने कोविड के बाद रफ्तार पकड़ी है, 2026 की पहली छमाही में छह लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। ...और पढ़ें
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धर्मशाला में टूरिज्म का बड़ा उछाल (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, धर्मशाला। कांगड़ा में टूरिज्म सेक्टर कोविड-19 के बाद अब उभर रहा है। इस साल सारे होटल फुल है, कैफे और टूरिस्ट जगहों पर पर्यटकों की भीड़ पिछले कुछ सालों से ज्यादा दिखी है।
2026 के शुरुआती छह महीनों में यहां छह लाख से ज्यादा पर्यटक आ चुके है, जो कोविड-19 की वजह से यात्रा पर लगी रोक के बाद सबसे ज्यादा है। जिसकी वजह से कांगड़ा में पर्यटन महामारी के पहले जिस पीक पर था वही पहुंचने की राह पर बढ़ रहा है।
2026 में आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, 2025 में यह संख्या 4.7 लाख, 2024 में 4.6 लाख और 2023 में 3.3 लाख थी। हालांकि, ये संख्याएं अभी भी कोविड-19 महामारी से पहले दर्ज की गई संख्या की आधी ही हैं क्योंकि 2019 में लगभग 12 लाख पर्यटक आए थे।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हिमाचल में कोविड-19 के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 2020 के शुरुआती छह महीनों में पर्यटकों की संख्या घटकर 1.59 लाख रह गई और 2021 में यह और कम होकर 1.02 लाख हो गई और फिर 2022 में यह संख्या बढ़कर 1.89 लाख हो गई।
1.25 लाख घरेलू और 3,544 विदेशी पर्यटक आए
हालांकि जनवरी से ही कांगड़ा में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दिख रही थी, लेकिन मई और जून में इसमें काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मई में कांगड़ा में लगभग 1.25 लाख घरेलू और 3,544 विदेशी पर्यटक आए, जबकि पिछले साल मई में लगभग 65,000 घरेलू और 1,750 विदेशी पर्यटक आए थे।
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इसी तरह, इस साल जून में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़कर 1.53 लाख हो गई, जो पिछले साल इसी महीने में 1.15 लाख थी। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी इस साल जून में बढ़कर 2,012 हो गई, जो पिछले साल जून में 1,808 थी।
वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव की वजह से घरेलू यात्रा बढ़ी
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव की वजह से घरेलू यात्रा का रुख बदला है और इसी से यह उछाल आया है। कांगड़ा जिले के टूरिज्म डेवलपमेंट ऑफिसर विनय धीमान ने कहा, 'वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात की वजह से घरेलू पर्यटक विदेश यात्रा करने से हिचकिचाने लगे, जिसका यहां के टूरिज्म सेक्टर पर अच्छा असर पड़ा। हमने दूसरे हिल स्टेशनों पर भी ऐसा ही ट्रेंड देखा है।'
उन्होंने बताया कि वेस्ट एशिया में युद्ध की स्थिति के बाद भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही अगर ये युद्ध न हो रहा होता तो यह संख्या और भी ज्यादा होती, पर फिर भी टूरिज्म इंडस्ट्री में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
धर्मशाला बन रहा स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन
विदेशी भारी संख्या में धर्मशाला और मैक्लॉडगंज (जहां 14वें दलाई लामा रहते हैं) घुमने आते है। इसके साथ ही धर्मशाला स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर भी उभर रहा है, क्योंकि यहां के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग और इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेले जाते हैं और इस स्टेडियम को दुनिया के सबसे खूबसूरत क्रिकेट वेन्यू में से एक माना जाता है। इसके साथ ही कांगड़ा के बीर में पैरागलाईडिंग बहुत फेमस है जिसकी वजह से इसे पैरागलाईडिंग कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है।
धर्मशाला होटल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अश्वनी बंबा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार टूरिज्म में इतनी तेजी दिखी है और वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव की वजह से घरेलू टूरिस्टों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में बने हालात को देखते हुए, कई टूरिस्टों ने विदेश जाने के बजाए देश के अंदर ही घूमना बेहतर समझा।
अश्वनी ने कहां कि धर्मशाला से मैक्लॉडगंज जाने वाली सड़के पिछले साल से खराब है और अभी तक ठीक नहीं हुई है जिलके कारण पर्यटकों को असुविधा होती है।
उन्होंने कहा, "हमने कई स्तरों पर यह मुद्दा उठाया है, लेकिन कुछ नहीं किया गया है। अगर हम चाहते हैं कि पर्यटक यहां आते रहें, तो हमें अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर देना होगा।"