हिमाचल में बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर, स्टॉक से गायब मिला चांदी; ऑडिट रिपोर्ट में खुले राज
हिमाचल के सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ऑडिट रिपोर्ट में 110 ग्राम दान की गई चांदी में से लगभग 99 ग्राम कम दर्ज ...और पढ़ें

हमीरपुर के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर। जागरण आर्काइव
HighLights
बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी उजागर हुई।
ऑडिट में 98.901 ग्राम चांदी स्टॉक से कम मिली।
अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया, वसूली की सिफारिश की गई।
संवाद सहयोगी, हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ सामने आई है। मंदिर न्यास की 31 दिसंबर 2024 तक की ऑडिट रिपोर्ट में मंदिर के सोना-चांदी स्टॉक रजिस्टर और मूल्यवान संपत्तियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अनियमितताएं उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार दान में प्राप्त 110 ग्राम चांदी में से स्टॉक रजिस्टर में केवल 11.099 ग्राम ही दर्ज की गई, जबकि 98.901 ग्राम चांदी कम दर्ज पाई गई है।
इसके अलावा चांदी के स्टॉक के कुल योग में 500 मिलीग्राम की गणना संबंधी त्रुटि भी सामने आई है। ऑडिट टीम ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ जिम्मेदारी तय कर प्रचलित बाजार मूल्य के अनुसार वसूली करने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर 2024 तक पंजाब नेशनल बैंक, मैहरे के लॉकर में स्टॉक रजिस्टर के अनुसार एक हीरा नग, 70.600 ग्राम गिल्ट का मुकुट, जिसमें मनके एवं नग जड़े हुए हैं, तथा 145 ग्राम कांच के मनके सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा मंदिर संग्रहालय के स्टॉक रजिस्टर में चांदी, गिल्ट और अन्य धातुओं से निर्मित 230 मूल्यवान वस्तुओं का भी रिकॉर्ड दर्ज है।
मांगा गया था स्पष्टीकरण
ऑडिट में पाया गया कि 10 दिसंबर 2021 को रसीद के तहत राकेश जैन द्वारा मंदिर न्यास को 110 ग्राम चांदी दान की गई थी। ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि इस संबंध में 21 जनवरी 2026 को अंकेक्षण अधियाचना संख्या-39 के माध्यम से मंदिर अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन ऑडिट समाप्त होने तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।
कुल योग में भी गड़बड़
रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक कुल योग 2 क्विंटल 98 किलो 88 ग्राम 417 मिलीग्राम होना चाहिए था, जबकि स्टॉक रजिस्टर में 2 क्विंटल 98 किलो 87 ग्राम 917 मिलीग्राम दर्ज किया गया। इस संबंध में भी अंकेक्षण अधियाचना संख्या-38 के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
अधिकारी की जवाबदेही तय
ऑडिट रिपोर्ट में संबंधित अधिकारी से कम दर्ज चांदी का कारण स्पष्ट करने, जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय करने तथा प्रचलित बाजार मूल्य के अनुसार राशि की वसूली कर मंदिर न्यास के कोष में जमा करवाने और अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
खबरें और भी
क्या कहते हैं अधिकारी
मंदिर अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में मंदिर अधिकारी का कार्यभार संभाला है। रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद ही इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी की जा सकेगी।
मंदिर न्यास की आयुक्त एवं एसडीएम स्वाति डोगरा का पक्ष जानने के लिए कई बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।