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    हिमाचल के हमीरपुर में निजी कंपनी की भर्ती के दौरान मचा बवाल, 70 पदों के लिए पहुंचे 2500 युवक

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:31 PM (IST)

    हमीरपुर के भोटा में ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक की भर्ती सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के कारण अव्यवस्था का शिकार हो गई। 2500 युवाओं के पहुंचने, होटल में तोड़फ ...और पढ़ें

    निजी कंपनी की भर्ती के दौरान मचा बवाल। फोटो जागरण

    निजी कंपनी की भर्ती के दौरान मचा बवाल। फोटो जागरण

    HighLights

    1. ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक भर्ती भ्रामक सूचना से अव्यवस्थित हुई।

    2. 2500 युवक पहुंचे, होटल में तोड़फोड़ हुई।

    3. सुरक्षा व्यवस्था न मिलने पर भर्ती रद्द की गई।

    रवि ठाकुर, हमीरपुर। जिला हमीरपुर के भोटा में शुक्रवार को एक निजी कंपनी की भर्ती प्रक्रिया सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचना के कारण पूरी तरह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई।

    एचआरटीसी के लिए इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करने वाली ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड ने ऑटोमोबाइल तकनीकी स्टाफ के 70 पदों के लिए भर्ती आयोजित की थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे एचआरटीसी की भर्ती बताकर प्रसारित किए जाने के बाद करीब 2500 युवक भर्ती स्थल पर पहुंच गए।

    देखते ही देखते हालात बिगड़ गए, भर्ती स्थल पर हंगामा हुआ और होटल में तोड़फोड़ के बाद कंपनी को चयन प्रक्रिया बीच में ही रद्द करनी पड़ी।

    भोटा स्थित द ग्रैंड पैलेस होटल में आयोजित भर्ती के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे, जिनका ऑटोमोबाइल तकनीकी क्षेत्र से कोई संबंध नहीं था। कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर भर्ती को एचआरटीसी की भर्ती बताकर प्रचारित किया गया, जिससे अनुमान से करीब 100 गुना अधिक अभ्यर्थी मौके पर पहुंच गए।

    भीड़ बढ़ने के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ युवकों ने होटल के दरवाजों, फ्रिज तथा अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। होटल प्रबंधन ने तोड़फोड़ से हुए 1.11 लाख रुपये के नुकसान का बिल कंपनी को सौंप दिया है।

    ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड के मार्केटिंग डिप्टी मैनेजर ई. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि भर्ती से पहले जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लिखित अनुरोध किया गया था। इसके अलावा उपायुक्त हमीरपुर को भी ई-मेल भेजकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था, लेकिन समय पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका।

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    उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए केवल चार से पांच अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, जो हजारों युवकों की भीड़ के सामने पूरी तरह असहाय हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को तीन बार फोन करना पड़ा।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन अभ्यर्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी।इस घटना ने न केवल सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं के खतरे को उजागर किया है, बल्कि बेरोजगारी और बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    उधर, एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक राजकुमार पाठक ने स्पष्ट किया कि हमीरपुर जिले में निगम की ओर से किसी भी पद के लिए कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही थी। उन्होंने कहा कि भोटा में केवल ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड अपने तकनीकी स्टाफ की भर्ती कर रही थी और वहां हुई घटना की जानकारी निगम के पास नहीं है।

    इस मामले में जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपायुक्त हमीरपुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।