विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पति-पत्नी देशरक्षा में भी साथी, भारतीय सेना में एक साथ लेफ्टिनेंट कर्नल बने हिमाचल के अमित और राधिका

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 21 Oct 2026 02:05 PM (IST)Updated: Wed, 21 Oct 2026 04:11 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पति-पत्नी अमित सिंह चौहान और राधिका जग्गी एक साथ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल ...और पढ़ें

लेफ्टिनेंट कर्नल बने पति-पत्नी अमित और राधिका।

लेफ्टिनेंट कर्नल बने पति-पत्नी अमित और राधिका।

HighLights

  1. हमीरपुर के अमित और राधिका एक साथ लेफ्टिनेंट कर्नल बने।

  2. अमित ने दो बार माउंट एवरेस्ट फतह कर तिरंगा फहराया।

  3. राधिका ने ओटीए में प्रशिक्षक और संयुक्त राष्ट्र में सेवा दी।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के पति-पत्नी भारतीय सेना में एक साथ लेफ्टिनेंट कर्नल बने हैं। विकास खंड टौणी देवी गांव जंडल के होनहार सपूत एवं भारतीय सेना के जांबाज कमांडो लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सिंह चौहान व उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल राधिका जग्गी ने भारतीय सेना में समान प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

माउंट एवरेस्ट कर चुके हैं फतह

लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सिंह चौहान ने दो बार माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण अभियानों में भाग लेकर विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा फहराने का गौरव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा सहित अनेक दुर्गम पर्वत शिखरों पर सफल आरोहण कर साहस अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की अनूठी मिसाल पेश की है।

भावी अफसरों को धार दे रहीं राधिका 

उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल राधिका जग्गी ने भी उत्कृष्ट सैन्य सेवाकाल और बहुमुखी प्रतिभा से विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने प्रतिष्ठित आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए भावी सैन्य अधिकारियों के प्रशिक्षण में योगदान दिया।

पिस्टल शूटिंग टीम का भी हिस्सा

राधिका जग्गी उत्कृष्ट सेवाओं और पेशेवर दक्षता के बल पर उन्हें संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत स्टाफ अफसर के रूप में सेवा देने का अवसर भी प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त वह भारतीय सेना की पिस्टल शूटिंग टीम का भी हिस्सा रही हैं, जहां उन्होंने अपनी निशानेबाजी प्रतिभा, एकाग्रता और अनुशासन का परिचय दिया।

माता-पिता का योगदान

इस सफलता के पीछे अमित चौहान के पिता रणजीत सिंह चौहान व माता जमना देवी के संस्कार, त्याग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद का अमूल्य योगदान रहा है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में घंटों का सफर अब मिनटों में, शिमला से मनाली और रामपुर के लिए हेली टैक्सी शुरू; 4000 में भरें उड़ान 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।