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    हमीरपुर में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर फेरी लगाने वाले युवक से जबरन वसूली, 18,800 रुपये छीने

    By Ranbir Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 17 Jan 2026 04:06 PM (GMT+05:30)

    हमीरपुर में कुछ शातिरों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक फेरीवाले युवक जावेद अहमद लोनी से मारपीट की और ₹18,800 की जबरन वसूली की। आरोपियों ने उसे सुनसा ...और पढ़ें

    हमीरपुर में युवक से पैसों की लूट हुई है।प्रतीकात्मक फोटो

    हमीरपुर में युवक से पैसों की लूट हुई है।प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर फेरीवाले से ₹18,800 वसूले।

    2. आरोपियों ने मारपीट कर गूगल पे से पैसे ट्रांसफर करवाए।

    3. हमीरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, टीमें गठित।

    संवाद सहयोगी, हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शातिरों ने खुद को पुलिस अफसर बताकर एक फेरी लगाने वाले युवक से मारपीट कर जबरन वसूली की। आरोपितों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और मारपीट के बाद उससे कुल 18,800 रुपये जबरन ले लिए।

    पीड़ित की शिकायत पर थाना सदर हमीरपुर में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जावेद अहमद लोनी निवासी कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर जो वर्तमान में हमीरपुर में फेरी लगाता है। उसने शिकायत में बताया कि ‘कतना’ नामक व्यक्ति और उसके साथियों द्वारा कर्ज अदायगी के नाम पर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

    डरा-धमकाकर गूगल पे से पैसे ट्रांसफर करवा लिए

    आरोपितों ने फर्जी फोन कॉल कर एक व्यक्ति को हमीरपुर पुलिस का अधिकारी बताकर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी थीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को आरोपी ग्राहक बनकर उसके पास पहुंचे और उसे सुनसान स्थान पर बुलाया। वहां 6-7 लोग लाठियों से लैस होकर पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद कतना के निर्देश पर उसे डरा-धमकाकर गूगल पे के माध्यम से 14,300 रुपये जबरन ट्रांसफर करवा लिए गए, जबकि उसकी जेब से 4,500 रुपये नकद भी निकाल लिए गए।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात में शामिल आरोपित आदतन अपराधी हैं और पूर्व में भी गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। 

    क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक हमीरपुर

    पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ने बताया कि आरोपितों की पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रवासी व्यापारी या नागरिक के साथ हिंसा, जबरन वसूली या फर्जी अधिकारी बनकर डराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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