जेठानी की मौत से सदमे में आई देवरानी ने भी त्याग दिए प्राण, हिमाचल में दर्दनाक वाकया; एक साथ उठी अर्थियां
नादौन के बदारन गांव में जेठानी की मौत के सदमे से देवरानी ने भी प्राण त्याग दिए। दोनों की अर्थियां ...और पढ़ें

देवरानी कमलेश और जेठानी शकुंतला देवी के फाइल फोटो
HighLights
नादौन में जेठानी की मौत से देवरानी को लगा सदमा।
शकुंतला देवी और कमलेश कुमारी ने एक साथ त्यागे प्राण।
बदारन गांव में एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां।
संवाद सहयोगी, नादौन (हमीरपुर)। रिश्तों में जुड़ाव इतना गहरा था कि जेठानी की मौत से सदमे में आई देवरानी ने भी प्राण त्याग दिए। रविवार को नादौन के बदारन गांव में घटी यह घटना हर आंख को नम कर गई। रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे 70 वर्षीय शकुंतला देवी पत्नी स्वर्गीय ईश्वर दास की घर पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। स्वजन उन्हें नादौन अस्पताल ले गए, जहां उनका निधन हो गया।
इसकी जानकारी जब उनकी देवरानी 60 वर्षीय कमलेश कुमारी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह को मिली तो वह काफी देर तक रोती रहीं। करीब 11:30 बजे अचानक उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। स्वजन उन्हें तत्काल नादौन अस्पताल ले गए, जहां उनका भी निधन हो गया।
एक साथ उठी दोनों की अर्थियां
दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं और चिताएं भी एक साथ जलीं। शाम को सैकड़ों नम आंखों ने दोनों को अंतिम विदाई दी। एक ही परिवार की दो महिलाओं के अचानक दुनिया से रुखस्त होने से मातम छा गया।
परिवार की स्थिति
स्वजन के अनुसार जेठानी और देवरानी के संबंध हमेशा बेहद मधुर रहे। शकुंतला देवी के चार बेटे, जबकि कमलेश कुमारी की तीन बेटियां और एक बेटा है।
नादौन के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री ने बदारन पहुंचकर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
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