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    8000 फीट की ऊंचाई से उड़ान! हिमाचल में किसने शुरू की पैराग्लाइडिंग? यहां जानें इतिहास, किराया और घूमने का सही समय

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 02:54 PM (IST)

    बीड़-बिलिंग, जिसे भारत की पैराग्लाइडिंग राजधानी कहा जाता है, दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा पैराग्लाइडिंग स्पॉट है। ...और पढ़ें

    बीड़-बिलिंग में होती है पैराग्लाइडिंग (सोशल मीडिया)

     बीड़-बिलिंग में होती है पैराग्लाइडिंग (सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. बीड़-बिलिंग भारत की पैराग्लाइडिंग राजधानी और दूसरा सबसे ऊंचा स्पॉट

    2. 1984 में हैंग ग्लाइडिंग वर्ल्ड कप से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

    3. मार्च-जून और अक्टूबर-नवंबर पैराग्लाइडिंग के लिए सबसे अच्छा समय

    डिजिटल डेस्क, कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में जोगिंदर नगर घाटी के वेस्ट में मौजूद बीड़-बिलिंग अपने इको-टूरिज्म, आध्यात्मिक वातावरण और बौद्ध मठों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। समुद्र तल से लगभग 8000 फीट की ऊंचाई पर बसे बीड़-बिलिंग को भारत की पैराग्लाइडिंग कैपिटल' कहा जाता है।

    यहां रोमांच के शौकीन बिलिंग (8,020 फीट) की टेक-ऑफ साइट से उड़ान भरते हैं और बीड़ (4,350 फीट) की लैंडिंग साइट पर उतरते हैं। बीड़-बिलिंग को दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा पैराग्लाइडिंग स्पॉट माना जाता है।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां इस एडवेंचर की शुरुआत कैसे हुई? आइए इसके इतिहास के पन्नों को पलटते हुए इस एडवेंचर से जुड़ी खास बातें जानते हैं। साथ ही जानेंगे यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है और एडवेंचर करने में कितना खर्च आता है।

    कैसे हुई बीड़-बिलिंग में पैराग्लाइडिंग की शुरुआत?

    साल 1970 और 80 का दशक में इंग्लैंड के नील किन्नियर और अमेरिका के कीथ निकोल्स जैसे विदेशी पायलट हिमाचल आए थे। उन्होंने बिलिंग की 8000 फीट की ऊंचाई, अनुकूल हवाओं और बीड़ के बड़े खुले मैदानों को देखकर इसे हैंग ग्लाइडिंग के लिए परफेक्ट माना।

    इसके बाद साल 1984 में यहां हैंग ग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ, जिसमें 13 देशों के 43 पायलटों ने हिस्सा लिया। इस इवेंट ने बिलिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। साल 1986 में न्यूजीलैंड के ब्रूस मिल्स (पैराग्लाइडर पायलट और ट्रेनर) बीड़-बिलिंग पहुंचे।

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    उन्होंने यहां की थर्मल हवाओं और लैंडिंग एरिया को पैराग्लाइडिंग के लिए फायदेमंद पाया। ब्रूस मिल्स ने स्थानीय लोगों को पैराग्लाइडिंग की ट्रेनिंग दी, जिसके बाद 1994 तक यह खेल यहां बेहद मशहूर हो गया।

    बीड़ जाने का सही समय क्या है?

    बीड़-बीलिगं में पैराग्लाइडिंग के लिए सबसे अच्छा समय मार्च से जून और अक्टूबर से नवंबर का होता है। इस समय पर आसमान साफ होता है और थोड़ी धूप होती है जिससे खतरे का डर नहीं रहता और वातावरण भी बिल्कुल साफ रहता है।

    (ध्यान दें: मानसून के समय सुरक्षा कारणों से यहां पैराग्लाइडिंग बंद रहती है।)

    उड़ान के टाइम स्लॉट्स

    • सर्दियों में: सुबह 7:00, 9:00, 11:00, दोपहर 2:00 और शाम 4:00 बजे।
    • गर्मियों में: सुबह 5:30, 7:00, 9:00, 11:00, दोपहर 2:00, शाम 4:00 और शाम 5:45 बजे।

    कितना है किराया?

    पैराग्लाइडिंग का शुल्क उड़ान के समय पर निर्भर करता है, उदाहरण के लिए...

    • 15 से 20 मिनट की उड़ान: 3000 रुपये प्रति व्यक्ति
    • 20 से 30 मिनट की उड़ान: 4200 रुपये प्रति व्यक्ति
    • 30 से 45 मिनट की उड़ान: 5500 रुपये प्रति व्यक्ति

    इसके साथ ही आप यहां पैराग्लाइडिंग ट्रेनिंग भी ले सकते है।