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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हिमाचल प्रदेश के कुल्‍लू में भूकंप के झटकों से हिली धरती, लोग कामकाज छोड़कर बाहर निकले

    By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
    Updated: Tue, 28 Dec 2021 12:46 PM (IST)

    Earthquake In Himachal Pradesh जिला कुल्लू में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर सात मिनट पर अचानक धरती हिलने लगी। भकूंप का केंद्र ...और पढ़ें

    जिला कुल्लू में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
    जिला कुल्लू में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

    कुल्‍लू, संवाद सहयोगी। Earthquake In Himachal Pradesh, जिला कुल्लू में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर सात मिनट पर अचानक धरती हिलने लगी। भकूंप का केंद्र कुल्लू में जमीन की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था। रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.3 मापी गई है। हालांकि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए व अचानक धरती हिलने से लोग सहम गए। लोग अफरा तफरी में अपना कामकाज छोड़कर बाहर की ओर दौड़ पड़े। कुछ देर में ही सब कुछ सामान्‍य हो गया। लेकिन इस दौरान लोग काफी देर तक सहमे रहे।

    मंडी व कुल्‍लू जिला में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बीते दिनों मंडी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान भूकंप का केंद्र मंडी शहर से 25 किलोमीटर दूर सरकाघाट की तरफ था। दो महीने के दौरान मंडी जिला पांच बार धरती हिल चुकी है।

    हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्‍लू व लाहुल स्‍पीति का क्षेत्र भूकंप को लेकर अति संवेदनशील जोन में आते हैं। यहां अक्‍सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जिला कांगड़ा में तो 1905 में भयंकर भूकंप आया था, जिसमें कांगड़ा शहर सहित जिले का अधिकतर हिस्‍सा पूरी तरह से तहस नहस हो गया था। इस भूकंप में कुछ चुनिंदा भवन ही खड़े बचे थे, बाकी सब जमींदोज हो गए थे। इस दौरान हजारों लोगों की मौत भी हुई थी।  इस भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बीस हजार के करीब पहुंच गया था। चार अप्रैल 1905 को सुबह छह बज कर 19 मिनट पर यह भयंकर भूकंप आया था।