Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल निकाय चुनाव के बाद भाजपा नेताओं में ठनी, सांसद और विधायक ने अपनों पर लगाए भितरघात के आरोप

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 20 May 2026 01:52 PM (IST)

    हिमाचल निकाय चुनाव के बाद भाजपा में अंदरूनी कलह सामने आई है। नूरपुर में सांसद राजीव भारद्वाज और विधायक रणवीर सिंह निक्का ने पार्टी के वरिष्ठ नेता पर भ ...और पढ़ें

    हिमाचल निकाय चुनाव के बाद भाजपा में ठन गई है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल निकाय चुनाव के बाद भाजपा में ठन गई है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. निकाय चुनाव के बाद हिमाचल भाजपा में कलह।

    2. सांसद-विधायक ने वरिष्ठ नेता पर भितरघात का आरोप लगाया।

    3. पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

    संवाद सहयोगी, नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल निकाय चुनाव के बाद भाजपा में सब ठीक नहीं है।  नगर परिषद नूरपुर में हार के बाद भाजपा नेताओं में ठन गई है। सांसद डा. राजीव भारद्वाज और नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने पार्टी के ही वरिष्ठ नेता पर नगर परिषद चुनाव में भितरघात के आरोप लगाए हैं।

    भाजपा समर्थित जसूर भलेटा वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी अनुराधा के समर्थन में आयोजित सभा में सांसद और विधायक ने नगर परिषद चुनाव में पार्टी के वरिष्ठ नेता पर भितरघात के आरोप लगाए।

    सांसद बोले, घर के विरोधियों से भी लड़ाई

    बकौल भारद्वाज, नूरपुर में भाजपा की लड़ाई सिर्फ कांग्रेस से ही नहीं बल्कि घर के विरोधियों से भी है। चुनाव के बाद सभी कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत कर देंगे, जबकि भितरघात करने वालों पर पार्टी कड़ी कार्रवाई करे। जिला परिषद प्रत्याशी पार्टी की ओर से घोषित किया जाता है और उसके खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारना सहन नहीं किया जाएगा। अब अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी। 

    अपनों के भितरघात के कारण हारे : निक्का

    रणवीर सिंह निक्का ने आरोप लगाया कि नगर परिषद चुनाव में भाजपा अपनों के भितरघात के कारण हारी है। भाजपा के ही नेता ने पार्टी के खिलाफ अपने जिला परिषद प्रत्याशी उतारे हैं। निक्का ने कहा कि क्षेत्र के कई हिस्सों से चोरी छिपे बैठकों की सूचना आ रही है। भाजपा नेता किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में जाते हैं तो पार्टी का प्रचार करते हैं लेकिन नूरपुर में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

    पार्टी से बड़ा कोई नेता नहीं होता। पार्टी ही बड़ी होती है। जिन लोगों ने नगर परिषद व पंचायती राज चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया है उनके खिलाफ कड़ा संज्ञान हाईकमान की ओर से लिया जाएगा।