Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल में बनेगा एक और फोरलेन, ऊना से रानीताल का सफर होगा सुगम, दूरी भी होगी कम

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 11 Mar 2026 11:07 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग 503 को फोरलेन बनाया जाएगा। यह मार्ग अब लोक निर्माण विभाग से एनएचएआइ को सौंप दिया गया है। ऊना से रानीताल तक 99 किल ...और पढ़ें

    ऊना से रानीताल के लिए फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। प्रतीकात्मक फोटो

    ऊना से रानीताल के लिए फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. राष्ट्रीय राजमार्ग 503 अब एनएचएआइ के अधीन।

    2. ऊना-रानीताल फोरलेन से यात्रा दूरी कम होगी।

    3. देहरा में ब्यास नदी पर नया पुल प्रस्तावित।

    सुनील राणा, देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में एक और फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 503 अब एनएचएआइ का हो गया है। अभी तक लोक निर्माण विभाग का एनएच विंग इसकी देखरेख कर रहा था। केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस सड़क के फोरलेन बनने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि कुछ और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।

    99 किलोमीटर है लंबाई

    राष्ट्रीय राजमार्ग 503 के दो खंड हैं। पहले खंड में ऊना-अंब-मुबारकपुर-रानीताल है। इसकी कुल लंबाई 99 किलोमीटर है। दूसरा खंड मटौर-धर्मशाला-मैक्लोडगंज खंड है। इसकी कुल दूरी 22 किलोमीटर है। 

    मुबारकपुर-रानीताल राष्ट्रीय राजमार्ग को अगस्त 2009 में राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला था। इससे पहले यह स्टेट हाईवे 22 हुआ करता था।

    एनएच विंग कर रहा था देखरेख

    स्तरोन्नत होने के बाद से प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग का एनएच विंग इसकी देखरेख कर रहा था। अब केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर ऊना-रानीताल मार्ग को एनएचएआइ को सौंप दिया है। एनएच विभाग ने इसे एनएचएआइ (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी।

    एनएचएआइ हमीरपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर भूपिंदर सिंह ने अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द बाकी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा।  

    शुरू होगी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया  

    अब प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी (पीएमसी) प्रस्तावित फोरलेन की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करेगी। अब पीएमसी को काम सौंपने के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। बताया जा रहा है कि एनएच विंग इसका सर्वे कर चुका है। संभव है कि एनएचएआइ उसी सर्वेक्षण पर आगे बढ़े या फिर उसमें कुछ संशोधन हों। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि नए मार्ग में वर्तमान सड़क का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा।  

    कम हो सकती है दूरी  

    अभी यह मार्ग भरवाईं, ढलियारा, नैहरनपुखर, देहरा और बनखंडी से होते हुए रानीताल मिलता है। सर्वे के समय कई बातों का ध्यान रखा जाता है। सबसे अहम बात इसमें सबसे कम दूरी वाला रास्ता बनाने की कोशिश रहती है। जिससे तय है कि रास्ते की मौजूदा दूरी कुछ किलोमीटर कम हो जाएगी। साथ ही यह देखना भी महत्वपूर्ण होता है कि प्रस्तावित फोरलेन में किसी तरह की जमीन आ रही है। निजी जमीन आने पर विभाग को क्लेम के रूप में ज्यादा धन चुकाना पड़ता है और इससे प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ जाती है। सबसे शार्ट रास्ते और कम कीमत वाली जमीन के इस्तेमाल से इसके निर्माण की लागत कम होती है।  

    खबरें और भी

    देहरा में बन सकता है दूसरा पुल  

    राष्ट्रीय राजमार्ग 503 देहरा से होकर गुजरता है। यह ब्यास नदी पर 1962 में बने पुल से होकर निकलता है। इसकी चौड़ाई 22 फीट है। निर्माण के समय यह चौड़ाई पर्याप्त रही होगी लेकिन यातायात बढ़ने के साथ यह कम पड़ने लगी है। इसलिए इसके समानांतर एक और पुल बनाने का भी प्रस्ताव था। बाद में दोनों को बीच से मिलाकर मध्य में डिवाइडर और दोनों तरफ फुटपाथ बनाने की योजना पर चर्चा होती रही। ऐसा करने से प्रस्तावित फोरलेन पर आने वाला यातायात भी आसानी से निकल पाएगा। 

    हालांकि, यह सब सर्वे रिपोर्ट फाइनल होने के बाद ही तय होगा। लेकिन यहां ब्यास की चौड़ाई अपेक्षाकृत कम होना इसकी वजह बन सकता है। कम चौड़ाई होने की वजह से पुल के निर्माण पर खर्च भी कम होता है साथ ही ढांचे की मजबूती के लिए यह उपयुक्त होता है।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल में पंचायत पुनगर्ठन पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, ...यह समझ से परे; चुनाव करवाने के बजाय सीमाएं तय करने में लगी सरकार