हिमाचल पंचायत चुनाव: आयोग ने प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि की तय, घोषणा पत्र करवाना होगा सत्यापित
हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों हेतु नियमावली जारी की है। इसमें नामांकन के साथ शपथ पत्र सत्या ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के लिए नियम तय कर दिए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पंचायती राज चुनाव के लिए नियमावली जारी।
शपथ पत्र राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना अनिवार्य।
विभिन्न पदों के लिए जमानत राशि निर्धारित।
संवाद सहयोगी, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए नियमावली जारी कर दी है। पंचायत सदस्य, उपप्रधान और प्रधान पद के लिए नामांकन भरने वाले उम्मीदवारों को आवेदन के साथ अनुबंध-एक के अंतर्गत एक शपथ पत्र या घोषणा पत्र संलग्न करना होगा। इस दस्तावेज को केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना अनिवार्य है।
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य प्रत्याशियों को अपना शपथ पत्र दंडाधिकारी या शपथ आयुक्त से प्रमाणित करवाना होगा। घोषणा पत्र में यदि कोई जानकारी असत्य मिली तो उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। जीतने पर भी उसे पद से हटाया जा सकता है।
जमानत राशि भी की तय
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के अंतर्गत चुनाव लड़ने के लिए जमानत राशि भी निश्चित कर दी है। पंचायत सदस्य पद के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 100 रुपये है, जबकि महिलाओं और आरक्षित श्रेणियों के लिए 50 रुपये। प्रधान, उपप्रधान और पंचायत समिति सदस्य की सामान्य श्रेणी के लिए 150 और आरक्षित वर्गों व महिलाओं के लिए 75 रुपये तय किए हैं।
जिला परिषद सदस्य चुनाव लड़ने वाले सामान्य श्रेणी के प्रत्याशियों को 200 और आरक्षित श्रेणी के प्रत्याशियों को 100 रुपये जमा करवाने होंगे।
चुनाव जीतने पर वापस मिलेगी राशि
यदि कोई उम्मीदवार नियत समय के भीतर नामांकन वापस लेता है तो उसकी राशि लौटा दी जाएगी। चुनाव जीतने वाले सभी प्रत्याशियों को राशि वापस मिल जाएगी।
पराजित उम्मीदवारों को इस स्थिति में ही मिलेगी जमानत राशि
पराजित उम्मीदवारों को कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा प्राप्त होता है, तभी वे अपनी राशि वापस पाने के अधिकारी होंगे। जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा सचिन ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में दिशानिर्देश जारी हुए हैं।