Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल: कांगड़ा में प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 03:08 PM (IST)

    कांगड़ा जिले में अब 50 से अधिक छात्रों वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। ...और पढ़ें

    हिमाचल: कांगड़ा में प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य (फाइल फोटो)

    हिमाचल: कांगड़ा में प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कांगड़ा में 50+ छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य।

    2. नियमों का उल्लंघन करने पर संस्थान बंद करने की कार्रवाई संभव।

    3. पंजीकरण शुल्क ₹50,000, तीन साल की वैधता, नवीनीकरण ₹25,000।

    हिमाचल: कांगड़ा में 50 से अधिक छात्रों वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, धर्मशाला। कांगड़ा जिले में अब 50 या उससे अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग देने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण संचालित होने वाले अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बंद भी किया जा सकता है।

    यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने उपायुक्त कार्यालय में हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम-2026 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
    उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से ये नियम लागू किए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध करवाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।

    उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। सभी मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। पंजीकरण शुल्क 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी। इसके बाद 25 हजार रुपये शुल्क जमा कर पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

    डीसी ने कहा कि यदि किसी संस्थान में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमियां पाई जाती हैं तो उन्हें सुधार के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं करने पर पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर संस्थान को बंद करने की कार्रवाई भी होगी।

    खबरें और भी

    उन्होंने बताया कि नियमों के तहत प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त स्थान, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के मानकों का पालन, आपातकालीन सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। जिला प्रशासन इन सभी प्रावधानों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा।

    हेमराज बैरवा ने कहा कि जिला स्तरीय समिति प्रत्येक तिमाही बैठक कर संस्थानों की समीक्षा करेगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों से समय रहते पंजीकरण कराने और सरकार के सभी नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पंजीकरण संबंधी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित संस्थान नोडल अधिकारी, उच्च शिक्षा से संपर्क कर सकते हैं।

    बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया, आईटीआई धर्मशाला के प्रधानाचार्य मनीष कुमार राणा, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्रधानाचार्य राकेश पठानिया, नगर निगम धर्मशाला, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।