हिमाचल: दो साल से अनसुनी गुहार: एनएचएआई के क्रेटों से धंस रहा कोटला-सोलधा मार्ग, सुरंग से गुजरने को मजबूर लोग
मूसलाधार वर्षा और फोरलेन निर्माण के दौरान लगाए गए अवैज्ञानिक क्रेटों के कारण कोटला-सोलधा संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे भूधंसाव और बिजली आप ...और पढ़ें

एनएचएआई के क्रेटों से धंस रहा कोटला-सोलधा मार्ग, सुरंग से गुजरने को मजबूर लोग (File Photo)
HighLights
कोटला-सोलधा संपर्क मार्ग वर्षा व अवैज्ञानिक क्रेटों से क्षतिग्रस्त
भूधंसाव से बिजली के खंभे गिरे, आपूर्ति बाधित
स्थानीय लोग स्थायी व टिकाऊ मरम्मत की मांग कर रहे
जागरण संवाददाता, कोटला। मूसलाधार वर्षा व फोरलेन निर्माण के दौरान लगाए गए अविज्ञानिक क्रेटों के कारण कोटला–सोलधा संपर्क मार्ग की हालत खराब हो गई है। कई स्थानों पर भूधंसाव होने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।
साथ ही बिजली के खंभे भी गिर गए हैं, जिससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा मार्ग के ऊपरी हिस्से में लगाए गए भारी भरकम क्रेटों के दबाव और लगातार वर्षा होने से भूमि धंस रही है। वन रेंज कार्यालय से फोरलेन क्रासिंग तक मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। पत्थरों के क्रेटों में दरारें पड़ गई हैं और नीचे रिहायशी क्षेत्र भी खतरे की जद में आ गया है।
सोलधा, नियांगल, त्रिलोकपुर, जोलना पंचायत व नगर पंचायत कोटला के लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से वे समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया है। हर वर्ष निर्माण कंपनी अस्थायी मरम्मत कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है, जबकि खतरा लगातार बढ़ रहा है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से चार पंचायतों के सैकड़ों लोग व टैक्सी चालक सुरंग से आवाजाही करने को मजबूर हैं।
कनिष्ठ अभियंता विशाल पठानिया के नेतृत्व में कर्मचारी भारी वर्षा में जोखिम उठाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार व एनएचएआइ से संपर्क मार्ग का स्थायी व टिकाऊ निर्माण कराने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग ने मामले की रिपोर्ट एनएचएआइ अधिकारियों को भेज दी है। विजली विभाग कोटला के एसडीओ कुंदन सिंह ने बताया कि मौसम बिगड़ने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।