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    हिमाचल के IPS अधिकारी विमुक्त रंजन को राष्ट्रपति पुलिस विशिष्ट सेवा पदक, पीएम मोदी की सुरक्षा में भी रहे हैं तैनात

    Updated: Sat, 16 Aug 2025 02:06 PM (GMT+05:30)

    IPS Vimukt Ranjan आईपीएस विमुक्त रंजन को राष्ट्रपति पुलिस विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान आंतरिक सुरक्षा और विशेष सेवाओं में ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारी विमुक्त रंजन। जागरण आर्काइव
    हिमाचल प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारी विमुक्त रंजन। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. 2019 में प्राप्त कर चुके हैं राष्ट्रपति पुलिस सेवा पदक
    2. एसपी धर्मशाला, एसपी विजिलेंस के तौर पर दे चुके हैं सेवाएं
    3. वर्तमान में एसपीजी में हैं डीआइजी पद पर तैनात

    जागरण संवाददाता, धर्मशाला। IPS Vimukt Ranjan, हिमाचल प्रदेश के 2009 बैच के आइपीएस अधिकारी विमुक्त रंजन को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस विशिष्ष्ट सेवा पदक सम्मान मिलेगा। यह पदक देश की आंतरिक सुरक्षा और विशेष सेवाओं के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। विमुक्त रंजन इससे पहले भी वर्ष 2019 में अपनी सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस सेवा पदक से सम्मानित हो चुके हैं। 

    विमुक्त रंजन वर्तमान में विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में डीआइजी के पद पर दिल्ली में नियुक्त हैं। विमुक्त रंजन मूलत हमीरपुर शहर के रहने वाले हैं। हमीरपुर में अपनी स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

    अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर वे भारतीय पुलिस सेवा में आए और अपने करियर में कई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभाईं। विमुक्त रंजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान भी इनकी सेवाएं सराहनीय रही हैं।

    चार साल कांगड़ा जिला के पुलिस अधीक्षक रहे 

    विमुक्त रंजन वर्ष 2019 से 2022 तक पुलिस अधीक्षक जिला कांगड़ा के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। इससे पूर्व वह एसपी विजिलेंस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला, नूरपुर, देहरा व अंब में बतौर डीएसपी भी सेवाएं दे चुके हैं। एसपीजी में बतौर डीआइजी तैनाती से पहले वह ऊना में वनगढ़ बटालियन के कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

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    नशा तस्करों के विरुद्ध चलाया था अभियान

    कांगड़ा सहित अन्य जिलों में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत दर्जनों आरोपितों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे।

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