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    अटल टनल व लाहुल में 48 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बर्फ में फंसे 10 हजार पर्यटक निकाले; गाड़ियों व ढाबों में ली थी शरण

    By Jaswant ThakurEdited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 17 Mar 2026 03:20 PM (IST)

    मनाली और लाहुल में भारी हिमपात के बाद 48 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 10,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। तीन दिन के लगातार हिमपात से 2 ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मनाली-लाहुल में 48 घंटे चला विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन।

    2. बर्फबारी में फंसे 10 हजार से अधिक पर्यटक सुरक्षित निकाले गए।

    3. 2 हजार वाहन फंसे, कई पर्यटकों ने गाड़ियों में रात बिताई।

    जागरण संवाददाता, मनाली। सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाले बर्फ के फाहे इस बार आफत बन गए। वाहनों के पहिये ऐसे थमे कि तीन दिन नहीं हिले। लगभग 48 घंटे अफरा-तफरी का माहौल रहा। तीन दिन लगातार हिमपात का दौर जारी रहा। हालात बिगड़ते देख मनाली सहित लाहुल प्रशासन मौके पर जुट गया, लेकिन विकट परिस्थितियों के आगे सब विवश नजर आए।

    प्रशासन व पुलिस सहित बीआरओ ने रविवार तीन बजे ही रेस्क्यू शुरू कर दिया था। यह रेस्क्यू ऑपरेशन 48 घंटे चला। इस दौरान दो हजार वाहनों सहित 10 हजार से अधिक पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया। 

    बर्फ में फंसे सभी पर्यटक कड़ी परीक्षा से गुजरे। रुई जैसे बर्फ के फाहे सभी के लिए आफत बन गए। अधिकतर पर्यटकों ने भारी परेशानी का सामना करते हुए एक रात गाड़ी में बैठकर बिताई। कुछ पर्यटकों को लाहुल के होटलों व ढाबों में शरण लेनी पड़ी थी। यह पर्यटक तीन दिन बाद मनाली पहुंचे। 

    मनाली, केलंग प्रशासन व पुलिस टीम सहित बीआरओ मैदान में युद्धस्तर पर जुटा रहा। थाना प्रभारी सिस्सू मुकेश राठौर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से दिन रात पुलिस जवान रेस्क्यू में लगे रहे। 

    Snowfall Update

    क्या कहते हैं डीएसपी मनाली

    डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि हिमपात के कारण सिस्सू में रुकी हुई गाड़ियों को आज सड़क बहाली के बाद प्राथमिकता में मनाली लाया गया। रेस्क्यू अभियान लगभग 48 घंटे चला। उन्होंने बताया कि सभी पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है।

    क्या कहते हैं एसडीएम मनाली

    एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस प्रशासन सहित बीआरओ ने एकसाथ रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया। 48 घंटों के भीतर दो हजार पर्यटन वाहनों को निकाला गया है तथा लगभग दस हजार पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया है। बीआरओ अधिकारी मेजर एमएस परमार भी तीन दिन टीम के साथ मौके पर डटे रहे। उन्होंने बताया कि मनाली-केलंग मार्ग बहाली के बाद मनाली शिंकुला मार्ग बहाली शुरू की जाएगी।

    नेहरू कुंड और सोलंग नाला में बैरियर लगाए

    उपायुक्त ने बताया कि बीआरओ द्वारा सड़क से बर्फ हटाने का कार्य जारी है। भारी मशीनरी के सुचारू संचालन के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकना जरूरी है। पुलिस विभाग द्वारा नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे बैरियर स्थापित किए जाएंगे। आपातकालीन सेवाओं-जैसे एम्बुलेंस, पुलिस, फायर टेंडर और बीआरओ-तथा स्थानीय निवासियों को केवल 4×4 वाहनों के माध्यम से ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।

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