हिमाचल में भारी बारिश: निरमंड में फ्लैश फ्लड से स्कूल ध्वस्त; कई भवन क्षतिग्रस्त, लोगों ने आधी रात भागकर बचाई जान
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड ने कुल्लू के निरमंड में तबाही मचाई है, जहां एक स्कूल भवन ध्वस्त हो गया और 500 से अधिक सेब के पौधे नष्ट हो ग ...और पढ़ें
HighLights
कुल्लू के निरमंड में फ्लैश फ्लड से स्कूल भवन ध्वस्त।
500 से अधिक सेब के पौधे और कई गोशालाएं क्षतिग्रस्त।
लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रात गुजारी।
जागरण टीम, कुल्लू/शिमला। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से एक स्कूल भवन ध्वस्त हो गया है। इसके अलावा अन्य भवन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ से सेब के 500 से ज्यादा पौधे तबाह हो गए हैं। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। कई लोगों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में रात बिताई।
स्कूल भवन ध्वस्त
पंचायत बारी के पांकवा गांव में वर्ष 1993 में निर्मित सरकारी प्राइमरी स्कूल भवन ध्वस्त हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा स्कूल भवन पर आ गिरा, जिससे भवन उपयोग के लायक नहीं रहा। राहत की बात यह रही कि हादसा रात के समय हुआ, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।

सेब के पौधे नष्ट, गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त
करीब 500 से अधिक सेब के पौधे नष्ट हो गए हैं, जबकि कई गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रभावित परिवारों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लक्ष्मण राठौर, महेश्वर सिंह ठाकुर, हिमेश अजेय, श्याम सिंह, सेस राम और सोहन लाल सहित कई बागवानों के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मकान भी खतरे में
लगातार हो रहे भूस्खलन से सेस राम का मकान भी खतरे की जद में आ गया है। एहतियात के तौर पर परिवार को मकान खाली कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
स्कूल में बच्चों का रिकॉर्ड भी दफन
विद्यालय के भीतर बच्चों का शैक्षणिक रिकॉर्ड, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री मलबे में दब गई है। बचा हुआ भवन कभी भी गिर सकता है, इसलिए बाकी रिकॉर्ड को बाहर निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने और रिकॉर्ड सुरक्षित निकालने की मांग की है।
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टिकरी कैंची में आई बाढ़
उधर, टिकरी कैंची नाले में जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के गांवों के लोग पूरी रात दहशत में रहे। कई परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षा के लिए रात वाहन में गुजारी। वहीं छोए-छोए नाले ने भी रौद्र रूप दिखाया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना रहा।

ठियोग में पहाड़ी से कार पर गिरा मलबा
वहीं, जिला शिमला के ठियोग क्षेत्र में प्रेमघाट बाईपास सड़क पर एक कार पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आ गई। एचपी 23 डी-7742 दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में वाहन को भारी क्षति पहुंची है। घटना के समय वाहन में किसी व्यक्ति के होने संबंधी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।