शिमला में आफत की बारिश: भूस्खलन से खतरे में बहुमंजिला भवन, सड़क धंसी; मुख्यमंत्री आवास के पास गिरे पेड़
शिमला में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, मुख्यमंत्री आवास के पास पेड़ गिरे और कई स्थानों पर भूस्खलन व सड़क धंसने की घटनाएं हुईं। ...और पढ़ें

शिमला में सीएम आवास के पास गिरे पेड़। जागरण
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही वर्षा के बीच शनिवार को कई स्थानों पर पेड़ गिरे, भूस्खलन हुआ और सड़क धंस गईं। मुख्यमंत्री आवास ओकओवर के समीप दो पेड़ गिरने से अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही होने के बावजूद कोई पेड़ों की चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया।
पेड़ गिरने के बाद पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं को घर लौटने के लिए गिरे हुए पेड़ों के नीचे से होकर रास्ता पार करना पड़ा। इससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। लक्कड़ बाजार क्षेत्र में भी एक पेड़ गिरा।
संजौली में भूस्खलन
संजौली में एक ट्रांसफार्मर के नीचे भूस्खलन होने से क्षेत्र में खतरा बढ़ गया। ढली और हीरानगर के बीच सड़क का एक किनारा धंस गया है। यदि यह सड़क बंद होती है तो शिमला और ऊपरी हिमाचल का मुख्य संपर्क प्रभावित हो सकता है। हालांकि वैकल्पिक मार्ग के रूप में बाई हीरानगर-हवाई अड्डा छोटा रास्ता उपलब्ध है लेकिन उस पर भारी यातायात संचालन चुनौतीपूर्ण रहेगा।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत, ढलान की सुरक्षा और वर्षा के पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिमला शहर में लंबे समय से वर्षा के दौरान पेड़ गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है।
लोअर पंथाघाटी में खतरे में भवन
शिमला में इसके अलावा लोअर पंथाघाटी में आज तक कई बहुमंजिला भवनों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। यहां पर एक भवन का झज्जा, सीढ़ियों से लेकर कई अन्य तरह का नुकसान हो चुका है। पहाड़ी के निचले हिस्से में हो रही खोदाई से कई भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।
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