हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में भूस्खलन से NH-305 धंसा, पूरे गांव पर मंडराया खतरा; हमीरपुर में अस्थायी पुल बहा
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुल्लू में भूस्खलन से NH-305 धंस गया और डगसारी ...और पढ़ें
HighLights
कुल्लू में भूस्खलन से NH-305 का हिस्सा धंस गया।
डगसारी गांव के भवनों पर भूस्खलन का खतरा मंडराया।
हमीरपुर के भोरंज में अस्थायी पुल बाढ़ में बहा।
संवाद सहयोगी, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला कुल्लू की पंचायत कमांद के डगसारी गांव में रात को तेज बारिश के बाद भारी भूस्खलन हुआ है, इसकी चपेट में औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 का हिस्सा बैठ गया है। सड़क धंसने से एक वाहन भी चपेट में आ गया, हालांकि गनीमत रही कि इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। सड़क से आवाजाही ठप हो गई है।

भोरंज में अस्थायी पुल बहा
उधर, जिला हमीरपुर के भाेरंज क्षेत्र मेंभारी बारिश के कारण खड्ड में आई बाढ़ में अस्थायी पुल बह गया। इस कारण बस्सी से तताहर के बीच आवाजाही ठप हो गई है। स्कूली बच्चों व कर्मचारियों को भारी दिक्कत हुई। नादौन क्षेत्र में भी बारिश से भारी नुकसान हुआ है।
डागसारी में भवनों को भी खतरा
कुल्लू में भूस्खलन के बढ़ते खतरे के कारण डगसारी निवासी घुंघर मल का रसोईघर और पशुशाला भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं, कमांद गांव के लिए भी यह भूस्खलन बड़ा खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों में लगातार बढ़ रहे खतरे को लेकर चिंता है।

आनी-गुगरा-चवाई मार्ग भी भूस्खलन
इसके अलावा आनी-गुगरा-चवाई मार्ग में बालीओल के पास संपर्क मार्ग भी भारी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेते हुए मौके पर मशीनरी भेज दी है और मार्ग बहाली का काम शुरू कर दिया गया है।
पोखरी में भी लैंडस्लाइड
उधर, रात में हुई भारी बारिश से ग्राम पंचायत पोखरी के निंगलू में भी स्थिति चिंताजनक हो गई है। यहां दो गोशालाओं पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के कारण सुरक्षा के लिए बनाया गया डंगा भी पूरी तरह बह गया है।

सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश से जिला भर में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। जगह-जगह भूस्खलन और सड़क धंसने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही प्रभावित है। लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।
