कंगना का देसी लुक: पहाड़ों में गांव की महिलाओं संग घास पर बैठकर लिया हिमाचली व्यंजन सिड्डू का स्वाद; बिजली महादेव पहुंची
सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू के श्री बिजली महादेव मंदिर की यात्रा की, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने गां ...और पढ़ें
HighLights
कंगना रनौत ने बिजली महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना।
गांव की महिलाओं के साथ सिड्डू का लिया स्वाद।
स्थानीय ग्रामीणों से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं पर की चर्चा।
संवाद सहयोगी, कुल्लू। बालीवुड अभिनेत्री एवं मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत रविवार को कुल्लू की खराहल घाटी स्थित प्रसिद्ध श्री बिजली महादेव मंदिर पहुंचीं। उन्होंने कठिन चढ़ाई वाले रास्ते पर करीब डेढ़ घंटा पैदल चलकर भगवान शिव के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कंगना का देसी लुक दिखा। कंगना ने गांव की महिलाओं के साथ घास पर बैठकर पहाड़ी व्यंजन सिड्डू का स्वाद लिया।
मंदिर की सड़क से करीब 3 किलोमीटर दूरी है, लेकिन कठिन चढ़ाई होने के कारण शिव भक्तों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

कंगना बोलीं- आत्मिक सुकून मिला
कंगना ने दर्शन के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव भी किया। देवदार के घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पहाड़ी मार्ग से पैदल यात्रा करते हुए मंदिर पहुंचीं कंगना ने कहा कि महादेव के दर्शन से उन्हें अपार शांति, ऊर्जा और आत्मिक सुकून मिला।
साझा की फोटो
उन्होंने अपनी इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि कठिन चढ़ाई के बाद भगवान शिव के दर्शन का अनुभव अविस्मरणीय रहा और इससे उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त हुई।

गांव की महिलाओं से की मुलाकात
मंदिर परिसर में स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद का पारंपरिक अंदाज में गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कंगना ने स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और लोगों के स्नेह की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ों की सादगी और आत्मीयता हमेशा उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती है।
ग्रामीणों के साथ खाए सिड्डू
दौरे के दौरान कंगना रनौत ग्रामीणों के साथ बैठकर हिमाचल के पारंपरिक व्यंजन सिड्डू का स्वाद लेते हुए भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि हिमाचली व्यंजनों की अपनी अलग पहचान है और यहां के पारंपरिक खानपान को देशभर में पहचान मिलनी चाहिए। धार्मिक यात्रा के दौरान वह पारंपरिक हिमाचली टोपी और सादगीपूर्ण परिधान में दिखाई दीं, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।