मनाली-लेह हाईवे बना 'नाला', सड़क पर बाढ़ ने जोखिमभरा किया पर्यटकों का सफर, सुरक्षित यात्रा का क्या है विकल्प?
मनाली-लेह हाईवे पर बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर पिघलने से कई नालों में बाढ़ आ रही है, जिससे सड़क नाले में तब्दील हो गई है। यह स्थिति यात्रियों के लिए ...और पढ़ें

मनाली लेह हाईवे पर जिसपा में नाले में आई बाढ़ के कारण सड़क पर बहता पानी व गुजरती गाड़ियां।
HighLights
मनाली-लेह हाईवे पर कई नाले बाढ़ से उफान पर।
तापमान बढ़ने से ग्लेशियर पिघलने के कारण बढ़ रहा जलस्तर।
सुरक्षित यात्रा के लिए दोपहर से पहले सफर करने की सलाह।
जागरण संवाददाता, मनाली। मनाली-लेह हाईवे इन दिनों सड़क कम नाला ज्यादा है। ऐसे कई प्वांइट्स हैं, जहां सड़क की हालत नाले जैसी है। मनाली-लेह मार्ग पर सफर करने वाले राहगीरों को दोपहर बाद दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिस्पा नाले में दोपहर बाद बाढ़ आने से वाहन चालकों की दिक्कत बढ़ रही है। छोटे वाहन चालकों ने जोखिम उठाकर नाले को पार किया।
इसके साथ ही जिंग जिंग बार नाले में बाढ़ आने से यहां भी पर्यटकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। जाहलमा व जिस्पा नाले की बाढ़ राहगीरों के लिए सिरदर्द बन गई है।
ये सड़कें भी क्षतिग्रस्त
मनाली-लेह व तांदी से संसारी मार्ग पर सफर जोखिम भरा है। नैन गाहर नाले में आई बाढ़ से चौखंग नैन गाहर सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। लाहुल स्पीति जिला में हालांकि बरसात शुरू नहीं हुई है, लेकिन तापमान बढ़ने से हर रोज दोपहर बाद नालों का जलस्तर बढ़ रहा है और बाढ़ जैसे हालात हो रहे हैं।
नैन गाहर की राह भी जोखिम भरी
बाढ़ के कारण चौखंग नैन गाहर सड़क के क्षतिग्रस्त होने से नैन गाहर के ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ गई है। जाहलमा नाले में हालांकि शनिवार को हालात सामान्य रहे। नाले में पानी तो बढ़ा लेकिन पुलिया सुरक्षित रही। पुलिया ठीक रहने से शनिवार को बड़े वाहन भी जाहलमा नाले से आर पार हुए।
बाढ़ से सुरक्षित सफर के लिए क्या करें
लाहुल-स्पीति में दिन के समय गर्मी पड़ रही है। इस कारण ग्लेशियरों से बर्फ पिघलने के कारण दोपहर बाद नालों में बाढ़ आ रही है। बाढ़ से सुरक्षित सफर के लिए दोपहर से पहले इन नालों को पार करना ही विकल्प है। इसके अल सुबह मनाली से निकल सकते हैं, जबकि बारिश न होने पर रात के समय भी सफर किया जा सकता है।
खबरें और भी
क्या कहनी हैं विधायक
लाहुल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि बीआरओ ने जगह-जगह मशीनरी तैनात की है। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ वाले क्षेत्रों में 24 घंटे ट्रैफिक सुचारु रखने के प्रयास जारी है।
यह भी पढ़ें: मंडी-पठानकोट NH पर फिर डरा रहा कोटरोपी का पहाड़, IIT का शोध- मंडरा सकता है बड़ा संकट; ...तब 49 लोगों की हुई थी मौत