यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कुदरत की खूबसूरती निहारने कुल्लू आते हैं सैकड़ों पर्यटक, जाणा वाटरफॉल करता मंत्रमुग्ध; पढ़ें क्यों है विश्व विख्यात
नग्गर कैसल और जाणा वाटरफॉल अपनी खूबसूरती से देश विदेश के सभी पर्यटकों को हमेशा से ही अपनी ओर आकर्षित करता आ रहे है। क्रिसमस और नए वर्ष को मानने के लि ...और पढ़ें

HighLights
- कुदरत की खूबसूरती निहारने कुल्लू आते हैं सैकड़ों पर्यटक
- जाणा वाटरफॉल करता मंत्रमुग्ध
- विश्व पटल पर विख्यात हुआ है जाणा का वाटरफॉल
अभिषेक शर्मा, पतलीकूहल/ कुल्लू। Kullu News: नग्गर कैसल और जाणा वाटरफॉल अपनी खूबसूरती से देश विदेश के सभी पर्यटकों को हमेशा से ही अपनी ओर आकर्षित करता आ रहे है। लेकिन जुलाई में आई बाढ़ के बाद कुल्लू-मनाली के पर्यटक स्थलों से पर्यटकों ने मुंह फेर लिया।
पर्यटकों ने कुल्लू आना शुरू किया
अब धीरे धीरे जैसे ही सब कुछ पहले की तरह पटरी पर लौट रहा है तो पर्यटकों की संख्या में भी कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नग्गर कैसल और जाणा वाटरफॉल के स्थानीय होटल व ढाबा संचालक संत कुमार, नरेंद्र ने कहा कि बाढ़ के बाद कुछ माह तक पर्यटक आए ही नहीं। लेकिन अब सब कुछ ठीक हो गया है इसलिए पर्यटकों ने आना शुरू कर दिया है।
कुदरत की खूबसूरती निहारने कुल्लू आते हैं पर्यटक
ढाबा संचालक ने उम्मीद जताई कि क्रिसमस और नए वर्ष को मानने के लिए भारी संख्या में पर्यटक नग्गर कैसल और जाणा वाटरफॉल आएंगे। कुदरत ने जिले कुल्लू को ऐसी सुंदरता से सजाया है कि देश विदेश के पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं। मनाली, सोलंग, रोहतांग, नग्गर, बिजली महादेव सहित कई पर्यटक स्थल है जो काफी पहले से पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है
विश्व पटल पर विख्यात हुआ है जाणा का वाटरफॉल
कुल्लू में ऐसे पर्यटक स्थल भी है जिन्हें स्थानीय लोगों ने अपने दम पर लोकप्रिय बनाया है। जाणा वाटरफॉल भी एक ऐसा ही पर्यटक स्थल है जिसे यहां के स्थानीय ग्रामीण मनी राम ने वर्ष 1998 में शुरू किया। इस स्थल को लोकप्रिय बनाने के लिए मनी राम ने काफी मेहनत की है।
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वाटरफॉल देखने 1500 से अधिक सैलानी आते हैं
नतीजा है कि आज इस वाटरफॉल की सुंदरता को देखने के लिए देश विदेश से लगभग 15 सौ से अधिक सैलानी प्रति दिन यहां आ रहे हैं। यह स्थल धरोहर गांव नग्गर से 13 किलोमीटर दूर स्थित है। इस वाटरफॉल के विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
लाल चावल के लिए मशहूर है जाणा वाटरफॉल
जाणा वाटरफॉल केवल अपनी सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि कुल्लवी खाने के लिए भी मशहूर है। मनी राम और नरेंद्र यहां अपने ढाबों पर पर्यटकों को आर्गेनिक तौर से खुद उगाए हुए लाल चावल, दाल और सब्जियों से बने पकवान परोसते हैं। यह दोनों अपने ढाबों पर खाना ठेठ कुल्ल्वी तरीके से बिना अधिक मसाले का प्रयोग कर तैयार करते हैं।
पूरे भारत में मशूहर है कुल्ल्वी खाना
इनके खाने में लाल चावल, हरा साग, राजमाह, सिड्डू, कड़ी, लिंग्डी शामिल होती है। अब इनका ठेठ कुल्ल्वी खाना पूरे भारत में मशहूर हो चुका हैं। मनी राम के ढाबे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, फिल्म स्टार सन्नी देओल, सारा अली खान सहित कई अन्य हस्तियां खाने का लुत्फ उठा चुके हैं। आज स्थानीय युवाओं के लिए मनी राम और नरेंद्र प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके है।
पर्यटन स्थल विकसित करना सरकार की प्राथमिकता
क्षेत्र के सभी पर्यटन स्थलों को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। नग्गर से जाणा की सड़क को बाढ़ से पहले ही चौड़ा करने का कार्य आरंभ किया जा चुका है। इस पर्यटक स्थल तक सड़क को पर्यटकों के लिए सुगम बनाया जा रहा है।