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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Tourism in Himachal: आपदा के 83 दिन बाद कसोल पहुंचे पर्यटक, कारोबारियों में खुशी की लहर

    By Jagran NewsEdited By: Deepak Saxena
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 12:31 PM (IST)

    Tourism in Himachal हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में प्राकृतिक आपदा के 83 दिन बाद पर्यटकों (Tourists) से भरी लग्जरी बस कसोल पहुंची। पर्यटकों को दे ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में आपदा के 83 दिन बाद कसोल पहुंचे पर्यटक।
    हिमाचल प्रदेश में आपदा के 83 दिन बाद कसोल पहुंचे पर्यटक।

    HighLights

    1. पर्यटन नगरी कसोल पहुंची 83 दिन के बाद लग्जरी बस
    2. मणिकर्ण घाटी में पहुंचने लगी देश विदेश के पर्यटक, चहके कारोबारी
    3. अब जिला में आक्यूपेंसी पहुंची 15 से 20 प्रतिशत

    संवाद सहयोगी, कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण घाटी के कसोल में 83 दिन बाद लग्जरी बस पहुंची है। पर्यटकों से भरी बस देखकर पर्यटन कारोबारियों में काफी खुशी दिखाई दी। शुक्रवार को कुल्लू जिला के कई पर्यटन स्थलों में अब पर्यटकों की चहल कदमी शुरू हो गई है। इसके लिए होटलों में ऑक्यूपेंसी भी बढ़ गई है।

    जिले भर में आज 15 से 20 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी पहुंच गई है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद पार्वती घाटी बनी हुई है। अब यहां पर भी पर्यटन कारोबार गति पकड़ने लगा है। लंबे अरसे के बाद पर्यटकों को देख स्थानीय होटल कारोबारी हुक्कम, मनोज और सुरेंद्र का कहना है कि अब पर्यटकों के आने की उम्मीद जगी है। नौ जुलाई को आई आपदा ने सब कुछ तबाह कर दिया था। इसके बाद लगातार 83 दिनों तक मणिकर्ण घाटी के कसोल, खीरगंगा, मणिकर्ण में वीरानी छाई रही।

    70 अधिक देश विदेश के पर्यटक पहुंचे कसोल

    अब एकाएक पर्यटक आने के बाद बेहतर पर्यटन सीजन की उम्मीद है। हुक्कम ने बताया कि शुक्रवार को सुबह पहली लग्जरी बस कसोल पहुंची। यह बस पर्यटकों से भरी हुई थी। इसके बाद लगातार पर्यटक वाहनों के आने का क्रम जारी रहा। शाम तक 20 से अधिक वाहन में 70 से अधिक देश-विदेश के पर्यटक कसोल पहुंचे हैं।

    पर्यटकों को देखकर कारोबारियों में खुशी का माहौल

    कसोल में 12 महीने पर्यटक आते जाते रहते थे। लेकिन कोरोना काल के बाद अब दूसरी पर्यटकों की रौनक दिखाई नहीं दी। अब हमें विंटर पर्यटन के बेहतर होने की उम्मीद है। पर्यटकों के आने से रेहड़ी फहड़ी से लेकर होटल कारोबारियों की आय में इजाफा होता है। इससे सभी को रोजगार मिलता है। इसलिए पर्यटकों की राह हर व्यक्ति देख रहा है। भुंतर से कसोल तक दो जगह शारनी के पास, खाना खजाना रेस्टोरेंट के पास पर अभी दिक्कत पेश आ रही है। जिला प्रशासन से आग्रह है कि दोनों जगहों को दुरूस्त किया जाए।

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    इजराइल के पर्यटक पसंद करते कसोल की वादियां

    मणिकर्ण घाटी के कसोल में इजरायल, नाइजीरिया के सबसे अधिक पर्यटक आना पसंद करते हैं। शुक्रवार को भी इजरायल और नाइजीरिया के पर्यटक दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में अब अन्य देशों के पर्यटक भी कसोल का रुख कर सकते हैं। यहां पर आने के लिए मार्ग ठीक है और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं।

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    मणिकर्ण होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हुक्कम चाहडू ने बताया कि मणिकर्ण घाटी के सोल में पर्यटकों ने दस्तक दे दी है। इससे पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी। लग्जरी बस भी कसोल पहुंच गई है। ऐसे में अब सरकार और जिला प्रशासन से दो स्थानों को ठीक करवाने का आग्रह रहेगा।

    पर्यटन कारोबार अच्छा हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं: जिला पर्यटन अधिकारी

    कुल्लू के जिला पर्यटन अधिकारी सुनयना शर्मा जिला कुल्लू के मनाली, कसोल और मणिकर्ण में पर्यटक पहुंचना शुरू हो गए हैं। पर्यटन कारोबार अच्छा हो इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। देश विदेश से कुल्लू जिला के पर्यटन स्थलों का रुख कर सकते हैं।

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