यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल में राशन कार्ड में मोबाइल नंबर दर्ज करवाना अनिवार्य, तभी मिलेगा राशन; परेशानी पर खाद्य निदेशक से करे संपर्क
मंडी जिला नियंत्रक ब्रिजेन्द्र सिंह पठानिया ने बताया कि पीडीएस के तहत अनाज के लिए आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण का विकल्प है। जिन लाभार्थियों के राशन क ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, मंडी। जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंडी ब्रिजेन्द्र सिंह पठानिया ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए लाभार्थी आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण का विकल्प चुन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिन लाभार्थियों के राशन कार्ड में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं, वे पहले अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं और उसके उपरांत राशन कार्ड में भी मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं, जिससे राशन प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभार्थी को राशन प्राप्त करने में कोई कठिनाई या समस्या होती है, तो वे अपने क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक या जिला खाद्य कार्यालय मंडी से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंडी जिले में फिंगर प्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के लिए मैसर्ज मंतरा साफ्टेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि नई पीओएस मशीनों की आपूर्ति, स्थापना और रखरखाव के लिए सेवा प्रदाता के चयन की निविदा वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है।
इसके साथ ही आधार आधारित फेस प्रमाणीकरण को भी पीडीएस प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया प्रगति पर है और निकट भविष्य में इसके लागू होने की संभावना है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंडी ने आम जनता से अनुरोध किया है कि जब तक नई तकनीकी व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू नहीं हो जातीं, तब तक वे आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।