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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pm Vishwakarma Yojana: योजना के पहले चरण में 521 आवेदनों का हुआ अनुमोदन, पहली किस्त में एक लाख तो दूसरी इंस्टालमेंट में मिलेगी इतनी रकम

    Updated: Wed, 10 Jan 2024 03:46 PM (IST)

    Pm Vishwakarma Yojana प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रथम चरण में मंडी जिले में 521 आवेदनों का अनुमोदन किया गया है। विश्वकर्मा पोर्टल पर प्राप्त आव ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की प्रथम बैठक के बाद दी।
    प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की प्रथम बैठक के बाद दी।

    HighLights

    1. पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल होगा संरक्षित
    2. शिल्पकारों को प्रमाण पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे।

    जागरण संवाददाता, मंडी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रथम चरण में मंडी जिले में 521 आवेदनों का अनुमोदन किया गया है। जिला स्तरीय कमेटी ने अनुमोदन के उपरांत इन्हें स्वीकृति के लिए राज्य स्तरीय समिति को भेजा है। यह जानकारी उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की प्रथम बैठक के बाद दी।

    आवेदनों में से 521 मामलों में ग्राम स्तरीय समितियों के जरिए प्राप्त हुई रिपोर्ट

    उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों में से 521 मामलों में ग्राम स्तरीय समितियों के माध्यम से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिनको राज्य स्तरीय समिति को भेजा गया है। योजना के अन्तर्गत जिले के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रमाण पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके योजना से जुड़कर कारीगर अपने व्यवसाय का विस्तार, उपकरणों में निवेश और अपनी कारीगरी को बढ़ा सकेंगे। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ओपी जरयाल के अलावा योजना के क्षेत्र विशेषज्ञ करसोग के पूर्व विधायक हीरा लाल, कपूर चंद और महेंद्र सैनी, लीड बैंक मैनेजर पीएनबी एसके धीमान, जिला उद्योग केंद्र मंडी के प्रबंधक संतोष जम्वाल उपस्थित रहे।

    योजना में शामिल हैं 18 व्यवसाय

    जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ओपी जरयाल ने बताया कि योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें पत्थर तोड़ने और तराशने का काम, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, धोबी, दर्जी, नाई आदि व्यवसाय शामिल हैं। इसमें उन्हें पांच प्रतिशत के रियायती ब्याज दर के साथ एक लाख (पहली किस्त) और 2 लाख (दूसरी किस्त) तक के ऋण देने का प्रविधान है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर्ता को पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। योजना में ऋण के साथ, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन व डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन तथा मार्केटिंग में सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

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