Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ब्यास नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बनेगा इमरजेंसी एक्शन प्लान, 3 जोन में बंटेगा 135 KM क्षेत्र

    By Mukesh Kumar Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 11:13 AM (GMT+05:30)

    बीबीएमबी ब्यास नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए डैम ब्रेक एनालिसिस और इमरजेंसी एक्शन प्लान बना रहा है। इसके तहत 135 किलोमीटर क्षेत्र को तीन जोन में ब ...और पढ़ें

    ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बीबीएमबी प्लान बना रहा है।

    ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बीबीएमबी प्लान बना रहा है।

    HighLights

    1. पंडोह बांध से देहरा तक बनेगा आपातकालीन प्लान।

    2. ब्यास नदी किनारे 135 किमी क्षेत्र 3 जोन में बंटेगा।

    3. आपात स्थिति में लोगों को सूचित कर सुरक्षित निकालेंगे।

    विशाल वर्मा, पंडोह (मंडी)। बीबीएमबी प्रबंधन पंडोह बांध से लेकर देहरा तक ब्यास नदी के कारण प्रभावित होने वालों के लिए डैम ब्रेक एनालिसिस और इमरजेंसी एक्शन प्लान बनाने जा रहा है। इसके लिए आइआइटी रुड़की के आइसीईडी सेंटर की मदद से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके तहत पंडोह डैम से देहरा तक 135 किलोमीटर क्षेत्र में ब्यास नदी किनारे रह रहे लोगों को तीन जोन में बांटा जाएगा।

    पहला ग्रीन जोन होगा। इसमें वे लोग आएंगे जहां नार्मल रेंज तक पानी आता है। दूसरा ब्लू जोन होगा। जहां ज्यादा पानी छोड़ने पर खतरा उत्पन्न होने की स्थिति बनती है। तीसरा रेड जोन होगा। यह वह क्षेत्र होगा जो फ्लैश फ्लड या बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़ने की स्थिति में प्रभावित हो सकता है। 

    घर व संपत्ति भी होगी चिह्नित

    बीबीएमबी पंडोह के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता इंजीनियर चंद्रमणी शर्मा ने बताया कि लोगों के इस तरह से चिह्नित हो जाने से आपात स्थिति में उन्हें सूचित करने के अलावा समय रहते सुरक्षित निकालने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी। लोगों के घरों के अलावा उनकी उन संपत्तियों को भी चिह्नित किया जाएगा जो पानी की जद में आ सकती हैं।

    क्षेत्र चिह्नित होने से रेस्क्यू में होगी आसानी

    चंद्रमणी शर्मा ने बताया कि पानी छोड़ने से पूर्व मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के प्रशासन को इसकी सूचना दी जाती है। इस प्लान के बाद जब संभावित प्रभावित चिह्नित हो जाएंगे तो उन्हें समय रहते सुरक्षित निकालने में मदद मिल पाएगी। 

    डाटा तैयार करेगा बीबीएमबी

    बीबीएमबी प्रबंधन भी इन लोगों के मोबाइल नंबर एकत्र करके एक डाटा तैयार करेगा, ताकि आपात स्थिति में उन्हें संदेश आदि भेजकर सूचित किया जा सके। इस प्रस्ताव को तीन हिस्सों में बनाया जा रहा है। पहला भाग बनकर तैयार है और उसी आधार पर अब दूसरे पर काम चल रहा है। अगले छह महीनों में इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए चाहिए अतिरिक्त भूमि, संसद में हर्ष महाजन के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री का बयान