क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी में ED की हिमाचल और पंजाब में 8 ठिकानों पर दबिश, बैंक खाते और 3 लॉकर किए फ्रीज
प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल और पंजाब में क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले में आठ ठिकानों पर दबिश देकर 1.2 करोड़ रुपये के बैंक खाते और तीन लॉकर फ्रीज किए ...और पढ़ें

ईडी ने हिमाचल और पंजाब में दबिश दी है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
ईडी ने हिमाचल-पंजाब में क्रिप्टो धोखाधड़ी के आठ ठिकानों पर दबिश।
1.2 करोड़ रुपये के बैंक खाते, तीन लॉकर ईडी ने फ्रीज।
2300 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा दुबई फरार।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में हुए क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपितों पर शिकंजा कस दिया है। ईडी की टीम ने दोनों राज्यों के आठ अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई में ईडी ने तीन लॉकर और करीब 1.2 करोड़ रुपये बैलेंस के बैंक खाते व एफडी को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा तलाशी के दौरान भारी मात्रा में बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, निवेशकों का डेटाबेस, कमीशन का ब्योरा और कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।
आरोपितों ने दोनों राज्यों के करीब एक लाख निवेशकों को 2300 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। निवेशकों को लुभाने के लिए कोरवियो, वोसक्रा, डीजीटी, हाइपनेक्स्ट व ए-ग्लोबल जैसे फर्जी क्रिप्टो प्लेटफार्म तैयार किए थे। इन स्व-निर्मित प्लेटफार्म्स पर फर्जी क्रिप्टो टोकन की कीमतें खुद ही बढ़ाई-घटाई जाती थीं। जब एक प्लेटफार्म पर शक होने लगता तो आरोपित उसे बंद कर नया नाम रख लेते थे।
नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को कुछ रिटर्न देकर भरोसा जीता जाता था। इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा मामला दर्ज होने के बाद 2023 में ही देश छोड़कर स्वजन सहित दुबई भाग गया था।
कमीशन एजेंटों को करोड़ों रुपये बांटे
आरोपितों ने अपराध की इस कमाई को ठिकाने लगाने के लिए नामी बिल्डर्स, शेल (फर्जी) कंपनियों और अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। नए शिकार फंसाने के लिए कमीशन एजेंटों को करोड़ों रुपये बांटे गए और निवेशकों को लुभाने के लिए विदेश यात्राओं व बड़े प्रमोशनल इवेंट्स का आयोजन किया जाता था।
कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाकर बेचे 15 प्लॉट
हैरान करने वाली बात यह है कि नवंबर 2023 में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जमीनों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया था, जिसकी जानकारी पंजाब सरकार के राजस्व अधिकारियों और अदालत को भी थी। इसके बावजूद हिमाचल पुलिस द्वारा 2025 में गिरफ्तार किए गए आरोपित पंजाब प्रापर्टी डीलर विजय जुनेजा ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जीरकपुर (पंजाब) में 15 प्लाट बेच डाले। इस मामले में हिमाचल और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआइआर के आधार पर ईडी जांच में जुटी है।