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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    4 महीने में दोगुना पैसा मिलने के लालच में लुटाई मेहनत की कमाई, दोस्त ने ही दोस्त को लूटा; लाखों का हुआ नुकसान

    By Preeti GuptaEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Wed, 04 Oct 2023 09:50 AM (IST)

    चार माह में दोगुना पैसा मिलने के लालच में हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों ने मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) नेटवर्किंग में करोड़ों रुपये का निवेश कर अपन ...और पढ़ें

    4 महीने में दोगुना पैसा मिलने के लालच में लुटाई मेहनत की कमाई (सांकेतिक तस्वीर)
    4 महीने में दोगुना पैसा मिलने के लालच में लुटाई मेहनत की कमाई (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. चार माह में दोगुना पैसा मिलने के लालच में लुटाई मेहनत की कमाई
    2. दोस्त के बहकावे में आकर 35 लाख रुपये से धोना पड़ा हाथ
    3. मल्टी लेवल मार्केटिंग में करोड़ों का निवेश कर लोगों संग हुई ठगी

    हंसराज सैनी, मंडी। Fraud in multi level marketing investment: चार माह में दोगुना पैसा मिलने के लालच में हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों ने मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) नेटवर्किंग में करोड़ों रुपये का निवेश कर अपनी मेहनत की कमाई लुटाई है।

    इस लूट में कोई बाहर का व्यक्ति शामिल नहीं था। कोई दोस्त तो कोई रिश्तेदार के विश्वास में लूट गया। कुछ ऐसी ही दास्तां बिलासपुर जिले के घुमारवीं के राकेश कुमार की भी है। दोस्त के बहकावे में आकर 35 लाख रुपये लुटा दिया।

    अफगानिस्तान में काम करता था राकेश

    राकेश कुमार राज्य सहकारी बैंक में नौकरी करता था। 2006 में उसे अमेरिका की एक कंपनी में अकाउंटेंट की नौकरी मिल गई। इसके बाद सहकारी बैंक की नौकरी छोड़ दी।

    कंपनी अफगानिस्तान में काम करती थी। मुख्यालय दुबई में था। अफगानिस्तान में जान जोखिम डालकर एक एक डॉलर जोड़ा था। कोरोना काल के दौरान मई 2021 को राकेश कुमार दुबई से अपने घर आया था। एक दिन दोस्त जितेंद्र वर्मा मिला।

    दोस्त ने ही दोस्त के साथ की जालसाजी

    चाय के बहाने बुला एमएलएम नेटवर्किंग की जानकारी दी। लाख मना करने पर जितेंद्र वर्मा ने 500 डॉलर का निवेश करवा दिया। उस समय 500 डॉलर की कीमत भारतीय करंसी में 35000 रुपये के करीब थी। जितेंद्र वर्मा ने राकेश कुमार को चार माह में पैसा दोगुना मिलने का दिलासा दिया था।

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    चार माह बाद राकेश के डिजिटल आईडी के वॉलेट में 70,000 रुपये डिजिट के रूप में जमा हो गए। उस समय एक डिजिट की कीमत 15 डॉलर बताई गई थी। जितेंद्र वर्मा ने और पैसा लगाने का प्रलोभन दिया।

    वॉलेट में 15 लाख पर निकालने में नहीं आए एक भी रुपये

    राकेश कुमार विश्वास में आकर पैसा लगाता गया। जब उसके वॉलेट में 10150 डीजीटी यानी 15 लाख रुपये हो गए तो निकालने का प्रयास किया। लेकिन एक पैसा नहीं मिला।

    जितेंद्र वर्मा ने बताया कि एमएलएम ने दूसरी कंपनी के साथ करार किया है आप और निवेश करो। सब पैसा वापस मिल जाएगा। दो साल में 35 लाख लगाने के बाद राकेश को 35 पैसे वापस नहीं मिले।

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    दोस्त के बहकावे में आकर लुटाए 25 लाख रुपये

    शराब कारोबारी नरेंद्र ठाकुर ने भी जितेंद्र के विश्वास में आकर 25 लाख रुपये लुटाए हैं। सोहन लाल ने 78000,जितेंद्र कुमार व सतीश कुमार को 80000-80000 रुपये से हाथ धोना पड़ा है। सभी लोग बिलासपुर के रहने वाले हैं।

    आरोपित जितेंद्र वर्मा पुत्र बृजलाल बिलासपुर जिले के भगोट का रहने वाला है। संजय सकलानी इसका सहयोगी था। लोकेंद्र कुमार से करीब दो करोड़ की ठगी की है। पैसा सुखदेव,सुभाष व हेमराज को दिया था। सुभाष दुबई भाग गया है। उसकी पत्नी जीरकपुर में रहती है।

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