हिमाचल में 2000 करोड़ की धोखाधड़ी: 80 हजार लोगों को चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड के विरुद्ध दायर होगी चार्जशीट
हिमाचल में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा के खिलाफ एसआईटी शिमला ट्रायल कोर्ट में 8000 पन्नों की चार्जशीट दायर करेगी।

क्रिप्टो करेंसी मामले के मास्टर माइंड के विरुद्ध चार्जशीट दायर होगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा के खिलाफ 8000 पन्नों की चार्जशीट दायर होगी।
2000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में 80 हजार निवेशक प्रभावित।
दुबई भागे आरोपित को वापस लाने और संपत्ति कुर्क करने की तैयारी।
हंसराज सैनी, मंडी। हिमाचल प्रदेश के 80,000 से अधिक निवेशकों को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले मास्टमाइंड सुभाष शर्मा के विरुद्ध एसआइटी मंगलवार को ट्रायल कोर्ट शिमला में करीब 8000 पन्नों की चार्जशीट दायर करेगी। इस मामले में यह आठवीं चार्जशीट होगी। पहले एसआइटी 78 एजेंटों और संचालकों के विरुद्ध सात चार्जशीट दायर कर चुकी है। ट्रायल कोर्ट में उनके विरुद्ध अभियोग भी शुरू हो गया है। दैनिक जागरण ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
घर कुर्क होगा
दुबई भाग चुके मास्टमाइंड सुभाष शर्मा का सौली खड्ड स्थित घर भी कुर्क होगा। एसआइटी ने पूरी तैयारी कर ली है। आरोपित ने यह घर निवेशकों के पैसे से खरीदा था। इसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। एसआइटी आरोपित की ऊना जिले के हरोली स्थित 78 कनाल भूमि पहले ही कुर्क कर चुकी है।
दुबई से वापस लाने की प्रक्रिया होगी तेज
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सुभाष शर्मा को दुबई से वापस लाने की प्रक्रिया भी तेज होगी। प्रदेश सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय से मदद मांगी थी। गृह मंत्रालय ने पहले आरोपित के विरुद्ध ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दायर करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआइ इस मामले को अपने हाथ में ले सकती है। ईडी पहले से जांच कर रही है। अब अन्य आरोपितों पर भी शिकंजा कसेगा।
विशेष अदालत के गठन से अभियोग में तेजी आएगी। वर्ष 2023 में मामला दर्ज होने के बाद सुभाष शर्मा पत्नी और बच्चे के साथ दुबई भाग गया था। पंजाब के जीरकपुर के अलावा उसने हवाला के जरिए निवेशकों का पैसा दुबई में निवेश कर रखा है।
फर्जी योजना शुरू कर ठगे थे लोग
आरोपित ने उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंट के रहने वाले मिलन गर्ग, मंडी के हेमराज और सुखदेव के साथ मिलकर वर्ष 2018 से 2023 तक अलग-अलग फर्जी योजना शुरू कर निवेशकों को ठगा था। कई फर्जी कंपनियां बनाई थी। निवेशकों को अब जल्द न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।
