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    'चाय की केतली पकड़ने वाले हाथों में सत्ता', मंडी भाजपा कार्यालय के सेवादार परस राम ने जीता जिला परिषद चुनाव

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 01 Jun 2026 01:01 PM (GMT+05:30)

    मंडी के सदयाणा वार्ड में भाजपा कार्यालय के सेवादार परस राम ने जिला परिषद चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 1,416 मतों से हर ...और पढ़ें

    मंडी में भाजपा कार्यालय के सेवादार परस राम ने जिला परिषद चुनाव जीत लिया है।

    मंडी में भाजपा कार्यालय के सेवादार परस राम ने जिला परिषद चुनाव जीत लिया है।

    HighLights

    1. भाजपा कार्यालय के सेवादार परस राम की जीत।

    2. कांग्रेस प्रत्याशी को 1,416 मतों से शिकस्त दी।

    3. यह जीत आम कार्यकर्ता की मेहनत का प्रतीक।

    हंसराज सैनी, मंडी। निष्ठा की आंखें जब छलकती हैं, तो राजनीति का बड़े से बड़ा रसूख भी सादगी के आगे घुटने टेक देता है। मंडी जिला के सदयाणा वार्ड से आई यह खबर केवल एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि लोकतंत्र के आंगन में लिखी गई एक बेहद भावुक और आंखें नम कर देने वाली दास्तान है। कल तक जो परस राम भाजपा कार्यालय की सीढ़ियों पर खड़े होकर, कड़कड़ाती ठंड और तपती धूप में हर आने-जाने वाले नेता और कार्यकर्ता के हाथों में अदब के साथ चाय का गर्म कप थमाते थे, आज जनता ने उन्हीं हाथों में अपनी तकदीर और क्षेत्र के विकास की चाबी सौंप दी है। 

    भाजपा ने जब जिला परिषद के इस चुनावी दंगल में अपने इस सबसे अदने और वफादार सिपाही पर विश्वास जताया था, तो कई राजनीतिक पंडित हैरान थे। लेकिन, परस राम की वर्षों की मूक सेवा और पसीने ने ऐसा रंग दिखाया कि सदयाणा वार्ड में न सिर्फ 'कमल' खिला, बल्कि एक आम कार्यकर्ता का स्वाभिमान भी जीत गया।

    आंखों में आंसू, गले में फूलों का हार और हाथों में जनता का प्यार

    भाजपा का कार्यालय हो या फिर पार्टी की कोई बड़ी रैली, पीठ पर जिम्मेदारी का बोझ और चेहरे पर हमेशा एक निश्छल मुस्कान लिए सभी को चाय परोसने वाले परस राम आज खुद मंच के केंद्र में थे। बरसों से जिन्होंने हमेशा दूसरों को कुर्सियों पर बैठते देखा, आज जब जनता ने उन्हें जिला परिषद की दहलीज पर खड़ा किया, तो परस राम की आंखें भर आईं। गले में पड़े गेंदे के फूलों के हार और गालों पर बहते खुशी के आंसुओं के बीच वे सिर्फ इतना ही कह पाए कि लोकतंत्र में सचमुच एक 'चाय वाले' की मेहनत का भी मोल होता है। उनकी यह जीत आज पूरे प्रदेश के हर उस छोटे कार्यकर्ता की जीत बन गई है, जो दरी बिछाता है और झंडे बांधता है।

    रसूख पर भारी पड़ी सादगी, कांग्रेस को दी करारी शिकस्त

    इस बेहद भावुक और दिलचस्प मुकाबले में जनता ने बड़े-बड़े दावों को दरकिनार कर परस राम के पक्ष में एकतरफा प्यार की बरसात कर दी। चुनावी नतीजों के आंकड़े इस ऐतिहासिक पल की गवाही दे रहे हैं। परस राम को 7,031 और कांग्रेस समर्थित धर्मेंद्र कुमार को 5,615 मत मिले। परस राम ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस समर्थित धर्मेंद्र कुमार को 1,416 मतों के एक बड़े अंतर से शिकस्त देकर जिला परिषद की कुर्सी अपने नाम की।

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    यह जीत मेरी नहीं, बल्कि उस केतली की है जिससे मैंने सालों तक अपनों की सेवा की। मैं कल भी कार्यकर्ता था, आज भी सेवक हूं। आंखों में आंसू हैं और दिल में जनता के लिए अथाह सम्मान है।
    -परस राम, नवनिर्वाचित, जिला परिषद सदस्य।

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