यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Landslide: भूस्खलन फिर बना जान पर आफत, पहाड़ दरकने से मलबे में समाई JCB मशीन, ऑपरेटर की मौत
Himachal Landslide हिमाचल में भूस्खलन से जुड़ी घटनाएं होती रहती हैं। इसी क्रम में एक हादसा मंडी में हुआ। यहां मंडी के छह मील में मंगलवार दोपहर बाद मलब ...और पढ़ें

HighLights
- जेसीबी खड़ी कर लंच करने जा रहा था,अचानक दरक गया पहाड़
- करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मलबे से निकाला
- ठेकेदार के विरुद्ध सदर थाना में केस दर्ज कीरतपुर मनाली फोरलेन बाधित
जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर मनाली फोरलेन पर मंडी के छह मील में मंगलवार दोपहर बाद मलबे में दबने से एक पोकलेन ऑपरेटर की मौत हो गई। वह करीब सवा एक बजे पोकलेन खड़ी कर लंच करने जा रहा था। अचानक पहाड़ दरकने से वह मलबे की चपेट में आ गया।
हाईवे पुलिस, एसडीआरएफ के जवानों और केएमसी कंपनी के श्रमिकों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेटर को मलबे से निकाला। मलबा हटाने में अन्य पोकलेन की मदद ली गई। गंभीर घायल ऑपरेटर को जोनल अस्पताल मंडी ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फिरोज के रूप में हुई मृतक की पहचान

मृतक की पहचान फिरोज खान निवासी जरली तहसील सदर जिला मंडी के रूप में हुई है। उसका एक साल का बेटा है। मलबे से जेसीबी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने केएमसी कंपनी के ठेकेदार राकेश उर्फ राकी के विरुद्ध मानव जीवन को खतरे में डालने और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
बाल-बाल टला बड़ा हादसा
राकेश ने यहां काम सबलेट कर रखा था। गनीमत यह रही कि छह मील में जिस समय पहाड़ दरकने से मलबा व चट्टानें गिरी उस समय कीरतपुर मनाली फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही रोक रखी थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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मलबा हटाने के लिए लगाई गई मशीन
पोकलेन बरसात के दौरान गिरा मलबा हटाने के लिए लगाई गई थी। यहां ढाई किलोमीटर लंबी सुरंग प्रस्तावित है। उसकी डीपीआर बनाने के लिए पहले से गिरा मलबा हटाया जा रहा था। छह मील में अब तक कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
मलबा गिरने से कीरतपुर मनाली फोरलेन बाधित होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मंडी कमांद कटौला व डडौर गोहर पंडोह होकर भेजा जा रहा है। मार्ग देर रात तक बहाल होने की उम्मीद है।
प्रशासन की ओर से मृतक ऑपरेटर के स्वजनों को चार लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी सागर चंद्र शर्मा ने मलबे में दबने से पोकलेन आपरेटर की मौत होने की पुष्टि की है।
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