हिमाचल पंचायत चुनाव: बैलेट पेपर से गायब हुआ कैंडीडेट का नाम, किसकी लापरवाही से हुई पूरे सिस्टम की किरकिरी?
मंडी जिले के करसोग विकास खंड में पंचायत चुनाव के दौरान बैलेट पेपर से एक बीडीसी उम्मीदवार का नाम गायब मिला, जिससे मतदान स्थगित करना पड़ा। ...और पढ़ें

मंडी की पंचायत ट्रोह में मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते हुए। मेहंडी में बीडीसी का मतदान स्थगित हो गया है।
HighLights
बैलेट पेपर से बीडीसी उम्मीदवार का नाम गायब मिला।
मतदाताओं के विरोध के बाद चुनाव स्थगित किया गया।
उपायुक्त ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
हंसराज सैनी, मंडी। हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के करसोग विकास खंड में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पंचायत समिति के मैहंडी वार्ड में मतदान के ऐन समय पर बैलेट पेपर से एक बीडीसी उम्मीदवार का नाम ही गायब पाया गया। इस गंभीर चूक के उजागर होते ही प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल कर रह गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मैहंडी वार्ड का चुनाव स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मतदाताओं के विरोध के बाद खुली पोल
जानकारी के अनुसार, मैहंडी वार्ड से इस बार कुल सात उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावी मैदान में इंद्र देव, तेजराम, नरेश कुमार, तेजराम, रूप लाल, सतीश कुमार और होशियार सिंह शामिल हैं। मंगलवार सुबह जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, तो मतदाताओं ने पाया कि बैलेट पेपर पर उम्मीदवार होशियार सिंह का नाम ही गायब है।
इस पर मतदाताओं और प्रत्याशी के समर्थकों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए पोलिंग पार्टी से शिकायत की। देखते ही देखते बूथ पर हंगामा खड़ा हो गया और मतदान को रोकना पड़ा।
एआरओ पर गिरेगी गाज, एसडीएम मौके पर रवाना
मामले की सूचना मिलते ही जिला निर्वाचन अधिकारी मंडी अपूर्व देवगन ने सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम करसोग गौरव महाजन को तुरंत मौके पर रवाना किया। उपायुक्त ने एसडीएम को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा है। प्रारंभिक जांच में इस भारी गड़बड़ी के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी की घोर लापरवाही सामने आई है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो एआरओ पर निलंबन की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
हजारों लोगों में रोष
मैहंडी, बरलोग और थर्मी थाच पंचायत को मिलाकर यह वार्ड बनाया गया है। चुनाव स्थगित होने से हजारों मतदाताओं में भारी निराशा है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इस वार्ड में मतदान की नई तिथि घोषित की जाएगी।