हिमाचल पंचायत चुनाव: प्रधान और उपप्रधान दोनों पद की चाह पड़ी महंगी, जनता ने हराए पति-पत्नी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बह पंचायत चुनाव में एक प्रभावशाली दंपती को प्रधान और उपप्रधान दोनों पदों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव में पति-पत्नी दोनों चुनाव हार गए। प्रतीकात्म्क फोटो
HighLights
बह पंचायत चुनाव में दंपती को मिली करारी हार।
प्रधान और उपप्रधान दोनों पद गंवाए पति-पत्नी ने।
जनता ने एक घर से दो पद की चाहत नकारी।
आशीष भोज, पद्धर (मंडी)। लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन है और जब वह करवट बदलती है तो बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं। विकास खंड द्रंग की बह पंचायत के चुनाव नतीजों ने कुछ ऐसा ही सबक दिया है। यहां पंचायत की सत्ता पर एकछत्र राज का सपना संजोये एक रसूखदार दंपती को मतदाताओं ने सिरे से नकारते हुए करारी शिकस्त का स्वाद चखा दिया।
बह पंचायत में कुल 726 वैध मत पड़े। प्रधान पद पर मुकाबला बेहद एकतरफा रहा। नवनिर्वाचित प्रधान लता देवी ने मतदाताओं के दिलों में ऐसी जगह बनाई कि उन्होंने रिकॉर्ड 549 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की।
वहीं, उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं पूर्व प्रधान गीता देवी को मात्र 177 वोटों से संतोष करना पड़ा। गीता देवी को 372 वोटों के भारी-भरकम अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसने उनके समर्थकों को मायूस कर दिया।
उपप्रधान पद पर भी धराशायी हुए पूर्व प्रधान
दूसरी ओर, उपप्रधान पद की जंग भी कुछ कम दिलचस्प नहीं रही। यहां विजयी उम्मीदवार चिंत राम ने 515 मत प्राप्त कर एकतरफा जीत का परचम लहराया। उन्होंने गीता देवी के पति एवं पूर्व प्रधान पीर सहाय ठाकुर को करारी मात दी। पीर सहाय ठाकुर को मात्र 214 वोट मिले और वह 301 वोटों के बड़े अंतर से मुकाबला हार गए।
गीता देवी इससे पहले बड़ीधार पंचायत की प्रधान रह चुकी हैं, जबकि परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई बह पंचायत की कमान पीर सहाय ठाकुर के हाथ में थी। इस बार जब प्रधान पद महिला के लिए आरक्षित हुआ, तो गीता देवी मैदान में उतरीं और पति देव खुद उपप्रधान पद के लिए ताल ठोकने लगे।
क्षेत्र में चर्चा: एक घर में दो पद की चाह ले डूबी
चुनावी नतीजों के बाद अब पद्धर और द्रंग क्षेत्र के राजनीति बाजारों में चर्चाओं का दौर गर्म है। हर चौराहे पर एक ही बात हो रही है कि दंपती की अति-महत्वाकांक्षा ही उनकी हार की मुख्य वजह बनी। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि यदि पति-पत्नी में से कोई एक ही चुनाव मैदान में उतरता, तो शायद जनता का गुस्सा इतना नहीं भड़कता और परिणाम इतने एकतरफा नहीं होते। बहरहाल, बह पंचायत की जनता ने इस बार एक घर, दो टिकट के फार्मूले को पूरी तरह खारिज कर बदलाव की नई इबारत लिख दी है।