Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मोबाइल पर तीन दिन से आ रहे थे OTP, महिला बैंक पहुंची तो खाते से गायब थे लाखों रुपये, ये सावधानी बरती होती तो न लगती चपत

    Updated: Wed, 23 Jul 2025 01:42 PM (IST)

    Himachal Pradesh News मंडी में एक महिला के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई। साइबर ठगों ने महिला का मोबाइल फोन हैक करके उसके बैंक खातों से 15.33 लाख रुपये निका ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मंडी में महिला कारोबारी से लाखों की ठगी हुई है।
    हिमाचल प्रदेश के मंडी में महिला कारोबारी से लाखों की ठगी हुई है।

    HighLights

    1. फोन हैक कर चुराई जानकारी, कारोबारी महिला के खातों से निकाले 15.33 लाख रुपये
    2. बार-बार मोबाइल फोन व ईमेल पर ओटीपी आने से महिला को हुआ शक
    3. बैंक शाखा प्रबंधन से की थी शिकायत, पर मामले को नहीं लिया गया गंभीरता से

    सहयोगी, डैहर (मंडी)। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी के डैहर क्षेत्र की एक कारोबारी महिला का मोबाइल फोन हैक कर शातिरों ने पहले बैंक खातों की जानकारी चुराई। बाद में 15.33 लाख रुपये निकाल लिए। महिला ने इसकी शिकायत थाना सुंदरनगर में दर्ज करवाई है। साबइर सेल ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

    रीना देवी पत्नी जगदीश चंद निवासी अलसू डाकघर डैहर ने बताया कि दो-तीन दिन से उनके मोबाइल फोन व ईमेल पर लगातार ओटीपी आ रहे थे। इससे उन्हें शक हुआ, तुरंत संबंधित बैंक शाखा से संपर्क किया। बैंक कर्मियों ने उन्हें ओटीपी साझा न करने की सलाह दी। रीना देवी का मोबाइल नंबर उनके सभी बैंक खातों से लिंक है।

    17 जुलाई को उनकी नेट बैंकिंग सेवा काम नहीं कर रही थी। इसको लेकर वह बैंक गई। जांच करने पर बैंक कर्मियों ने बताया कि उसके फोन से बैंक एप डिलीट हो चुकी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शातिरों ने मोबाइल फोन हैक करने के बाद एप डिलीट कर दी थी।

    अकाउंट लाक किया होता तो बच जाती बाकी रकम

    18 जुलाई को उसे बचत खाते से 1,34,500 रुपये कटने की सूचना मिली। इस पर तुरंत बैंक कर्मियों से फोन पर संपर्क कर हार्डवेयर दुकान के करंट अकाउंट को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग की। रीना देवी का आरोप है कि बैंक शाखा प्रबंधन ने उनकी इस मांग को नजरअंदाज कर दिया। 19 जुलाई को उनके करंट अकाउंट से 13,98,600 रुपये निकाल लिए गए। बैंक कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि करंट अकाउंट को समय पर लाक कर दिया गया होता तो इतनी बड़ी राशि की ठगी नहीं होती।

    खबरें और भी

    पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति से अपनी नेट बैंकिंग डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या लेन-देन की सूचना मिले तो तुरंत बैंक शाखा और पुलिस को सूचित करें।

    -भारत भूषण, डीएसपी सुंदरनगर

    ऐसे बचें मोबाइल हैकिंग से

    मोबाइल हैकिंग से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों को अपनाना आवश्यक है। सबसे पहले, हमेशा मजबूत व यूनिक पासवर्ड का उपयोग करें। दो-कारक प्रमाणीकरण सक्षम करें। केवल आधिकारिक एप स्टोर का ही प्रयोग करें। अज्ञात या अविश्वसनीय स्रोतों से एप डाउनलोड करने से बचें। फोन के आपरेटिंग सिस्टम व एप को नियमित रूप से अपडेट करते रहें क्योंकि अपडेट में सुरक्षा से संबंधित पैच होते हैं। सार्वजनिक वाई-फाई का प्रयोग करते समय सतर्क रहें। संभव हो तो वीपीएन का इस्तेमाल करें। विश्वसनीय एंटीवायरस साफ्टवेयर इंस्टाल करें। समय-समय पर फोन को स्कैन करें। फिशिंग स्कैम से बचने के लिए अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें। अपने फोन को लाक रखें। यदि हैक होने का संदेह हो तो तुरंत फोन को फैक्टरी रीसेट करें। सभी पासवर्ड बदलें व मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क करें।

    यह भी पढ़ें- हिमाचल के मेडिकल कालेज में MBBS प्रशिक्षु की रैगिंग, दिल्ली व हरियाणा निवासी पांच छात्र निलंबित, अब बर्बाद होगा करियर