Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mandi News: भारी विरोध के चलते 40 मिनट तक गाड़ी में बैठे रहे जगत नेगी, लोगों ने फेंके जूते, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

    Updated: Fri, 25 Jul 2025 08:15 PM (IST)

    सराज घाटी में प्राकृतिक आपदा के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को थुनाग में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ...और पढ़ें

    भारी विरोध के चलते 40 मिनट तक गाड़ी में बैठे रहे जगत नेगी। फोटो जागरण
    भारी विरोध के चलते 40 मिनट तक गाड़ी में बैठे रहे जगत नेगी। फोटो जागरण

    संवाद सहयोगी, थुनाग। सराज घाटी में आई प्राकृतिक आपदा के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को थुनाग में भारी जनविरोध का सामना करना पड़ा।

    विश्राम गृह पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया, काले झंडे दिखाए, नारेबाजी की और यहां तक कि कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर जूते भी फेंके। भीड़ के आक्रोश के चलते मंत्री लगभग 20 मिनट तक अपनी गाड़ी में व इतनी ही देर विश्राम गृह के लान में बैठे रहे।

    जगत सिंह नेगी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद देर सायं थुनाग विश्राम गृह पहुंचे थे, जहां पहले से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और राजनीतिक कार्यकर्ता विरोध के लिए एकत्र थे। जनता का आरोप था कि आपदा राहत कार्यों में भारी लापरवाही बरती गई है। मंत्री केवल दिखावे के लिए आए हैं। थुनाग बाजार, जहां भारी नुकसान हुआ है, वहां मंत्री ने जाने की जहमत तक नहीं उठाई।

    मंत्री जब कमरे से बाहर निकले तो नारेबाजी और विरोध के चलते वह लान में ही रुक गए। पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा और अन्य अधिकारियों ने उन्हें समझाकर गाड़ी तक पहुंचाया, लेकिन भीड़ ने गाड़ी को घेर लिया।

    गाड़ी को आगे-पीछे से घेरने पर पुलिस की प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की हो गई। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई, महिलाओं की भी पुलिस से तीखी बहस की। वह मंत्री की गाड़ी के आगे खड़ी हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने विश्राम गृह का मुख्य द्वार बंद कर दिया।

    भीड़ को हटाने की कोशिश में डीएसपी करसोग गौरवजीत सिंह ने विश्राम गृह का गेट खुलवाया, लेकिन कुछ लोगों ने रास्ता रोकने के लिए पत्थर तक रख दिए। इस दौरान भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।

    प्रदर्शनकारियों में स्थानीय ग्रामीणों के अलावा कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता भी शामिल थे। पत्रकारों ने जब मंत्री से वर्ष 2023 की आपदा राहत राशि के वितरण में देरी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता।

    खबरें और भी

    वह उत्तर देने से कतराते नजर आए। विरोध प्रदर्शन के बीच पहुंचे तहसीलदार रजत सेठी ने प्रदर्शनकारियों और प्रधान को कहा कि इस तरह का व्यवहार राहत वितरण में बाधा डाल सकता है।

    उनके इस बयान से जनता और अधिक भड़क गई। आखिरकार भारी विरोध के बीच मंत्री थुनाग से लौट गए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि राहत कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो विरोध और तेज होगा।