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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'बयानबीर बनकर रह गई हैं कंगना', संजीव गुलेरिया ने किया पलटवार; कहा- राहत राशि के नाम पर चमका रहीं राजनीति

    Updated: Mon, 23 Sep 2024 06:46 PM (IST)

    कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा हिमाचल को दिए गए राहत राशि को लेकर बयान दिया था। कंगना ने इस दौरान कांग्रेस पर कई गंभ ...और पढ़ें

    कंगना रनौत के राहत राशि वाले बयान पर राजनीति तेज। फाइल फोटो
    कंगना रनौत के राहत राशि वाले बयान पर राजनीति तेज। फाइल फोटो

    HighLights

    1. संजीव गुलेरिया ने कंगना रनौत पर किया पलटवार
    2. कहा- 'बयानवीर' बनकर रह गई हैं कंगना रनौत
    3. 'पीएम केयर्स पर भी लोगों के समक्ष स्थिति स्पष्ट करें'

    जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी सांसद कंगना रनौत के राहत राशि वाले बयान को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। राज्य लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाद अब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एंव एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने कंगना पर हमला बोला है।

    'राहत राशि के नाम पर राजनीति चमका रही कंगना'

    संजीव गुलेरिया ने सांसद कंगना रनौत पर झूठी बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में हुई भारी तबाही व जानमाल के नुकसान का जायजा लेने का समय तो नहीं मिल निकाल पाई, लेकिन राहत राशि के नाम पर राजनीति चमकाने का वह कोई अवसर शायद हाथ से जाने नहीं देना चाहती हैं।

    कहां तो सांसद को पीड़ित लोगों को ढांढस बंधाने और उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए था। उनका दुःख-दर्द साझा करते हुए उनके पुनर्वास के प्रयास किए जाने चाहिए थे। लेकिन कंगना केवल 'बयानवीर' बन कर रह गई हैं।

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    उनका एकमात्र कार्य तथ्यों से परे आधारहीन बयानबाजी करके राजनीतिक सनसनी फैलाकर अपने पार्टी के शीर्ष नेताओं को खुश करने तक ही सीमित रह गया है।

    पीएम केयर्स पर को लेकर घेरा

    संजीव गुलेरिया ने आगे कहा कि राहत कोष पर सवाल उठाने वाली कंगना को 'पीएम केयर्स' पर भी लोगों के समक्ष स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि कोरोना काल में लोगों को राहत के नाम पर जुटाई गई भारी-भरकम राशि का उपयोग आखिर कहां किया गया। इस कोष के बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से केंद्र सरकार को हिचकिचाहट क्यों होती है।

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    वह बताएं कि पिछले साल भारी बरसात में हुई तबाही के बाद हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज दिलवाने के लिए उन्होंने कहां और कितने प्रयास किए। केंद्र सरकार को लगभग 9000 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन हिमाचल की ओर से भेजा गया है। सीमित संसाधनों के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले साल आई आपदा से प्रभावितों की मदद के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी किया।

    'कंगना तो केवल सुर्खियां बटोरना चाहती हैं'

    वह स्वयं लोगों के बीच पहुंचे और कुल्लू, लाहुल-स्पीति, मंडी सहित प्रदेश के सभी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का स्वयं आगे बढ़कर नेतृत्व किया था। संजीव गुलेरिया ने चुटकी ली कि सांसद अगर अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा करती तो उन्हें जमीनी हकीकत अवश्य पता चलती। मगर, वह तो केवल मीडिया के माध्यम से सुर्खियां बटोरने तक ही सीमित हैं।

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