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    'इस्लामिस्ट के संपर्क में आते ही बदल जाती है हिंदू बेटियों की सोच', कंगना बोलीं- विचारधारा चुनने के दोहरे मापदंड गलत

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 01:11 PM (IST)

    कंगना रनौत ने वामपंथी विचारकों और समाज के ठेकेदारों पर निशाना साधा, कहा इस्लामिस्टों के संपर्क में आते ही हिंदू बेटियों की सोच बदल जाती है। ...और पढ़ें

    मंडी से सांसद एवं बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत।

    मंडी से सांसद एवं बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत।

    HighLights

    1. कंगना ने वामपंथी विचारकों और समाज के ठेकेदारों को घेरा।

    2. कहा इस्लामिस्टों के संपर्क से हिंदू बेटियों की सोच बदलती है।

    3. अपनी आरएसएस-भाजपा विचारधारा अपनाने के अधिकार का बचाव किया।

    जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से राजनीतिक और बालीवुड गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। संसद सत्र के लिए जाते समय साझा किए गए एक भावुक वीडियो संदेश में कंगना ने कथित वामपंथी विचारकों और समाज के ठेकेदारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बालीवुड अभिनेत्री राखी सावंत का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा और हिंदू बेटियों की बदलती मानसिकता व वैचारिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाए।

    इस्लामिस्टों के संपर्क में आते ही बदल जाती है सोच

    कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी हिंदू बेटियां और बहनें हैं, जिनकी राजनीति या धर्म को लेकर शुरुआत में कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं होती। वे बेहद तटस्थ (न्यूट्रल) रहती हैं। हालांकि, जैसे ही वे किसी इस्लामिस्ट के संपर्क में आती हैं, चाहे वह दोस्ती हो, संबंध हो या शादी, उनकी सोच तुरंत परिभाषित हो जाती है और वे कट्टरपंथी लेफ्टिस्ट बन जाती हैं। 

    कंगना ने कहा कि संविधान सबको अपनी विचारधारा चुनने की आजादी देता है, लेकिन यही आजादी जब किसी जागरूक हिंदू के लिए मांगी जाती है, तो दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। 

    अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं

    खुद पर होने वाले हमलों का जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि मुझ पर तंज कसे जाते हैं कि तुम कब से संघी बन गई? हां, मैं अतीत में एक माडरेट हिंदू थी, मैं पार्टियां भी करती थी। लेकिन आज अगर मैं खुद को बदलकर आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा से जोड़ना चाहती हूं, एक जागरूक और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं, तो मेरे लिए वह रास्ता क्यों बंद किया जा रहा है?

    कंगना ने दो टूक कहा कि समाज के ठेकेदारों की यह दोगली सोच अब नहीं चलेगी। हर व्यक्ति को खुद को बदलने और अपनी निष्ठा चुनने का पूरा अधिकार है। 

    हिंदू बेटियों की अग्निपरीक्षा लेना बंद करें

    उन्होंने हिंदू बेटियों के लिए भी यह स्वतंत्रता मांगी कि अगर वह एक अनुशासित और परिभाषित हिंदू जीवनशैली की ओर बढ़ना चाहती हैं, तो समाज को उनके अतीत की अग्निपरीक्षा लेना बंद करना चाहिए।

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