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हिमाचल पुलिस भर्ती का पेपर लीक करने वाले जल्द जाएंगे जेल, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करवाने की तैयारी

By Chaitanaya ThakurEdited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 03 Aug 2026 12:09 PM (IST)Updated: Mon, 03 Aug 2026 12:14 PM (IST)

सीबीआई हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द सुनवाई की तैयारी कर ...और पढ़ें

हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. सीबीआई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की तैयारी में है।

  2. मामले को जल्द तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना लक्ष्य है।

  3. 88 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

चैतन्य ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में अब कानूनी कार्रवाई रफ्तार पकड़ने जा रही है। सीबीआइ ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द सुनवाई करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही करीब चार साल पुराने इस मामले में आरोपितों की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं। सीबीआइ का उद्देश्य ट्रायल में तेजी लाकर मामले को जल्द तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना है। इसमें हर दिन सुनवाई की तैयारी है।

आरोपपत्र अदालत में दाखिल

सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े जिन मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और जिनमें आरोप पत्र अदालतों में दाखिल किए जा चुके हैं, उनकी सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में करवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला भी इसी श्रेणी में शामिल है। सीबीआइ इस मामले में पहले ही जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। 

परीक्षा संशोधन अधिनियम लागू

केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 पारित कर दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद यह नया कानून अब देशभर में आधिकारिक रूप से लागू हो चुका है। 

परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई पर जोर दिया जा रहा है। 

3 से 5 लाख में बेचा था पेपर

सीबीआइ की चार्जशीट में सामने आया था कि बिहार के दो लोगों ने पेपर चुराकर बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों को तीन से पांच लाख रुपये में बेचा था और इस दौरान लगभग 1.25 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ।

कब-कब क्या हुआ

  • 27 मार्च 2022 : प्रदेश के 81 केंद्रों पर कांस्टेबल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा हुई।
  • 5 अप्रैल 2022 : लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। 
  • 5 मई 2022 : कांगड़ा पुलिस ने शक के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को दबोचा।
  • 6 मई 2022 : तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा को रद कर एसआइटी का गठन किया। 
  • 17 मई 2022 : तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले को सीबीआइ को सौंपने का निर्णय लिया।
  • 30 नवंबर 2022 : सीबीआइ ने गगल (कांगड़ा) व सीआइडी थाना भराड़ी (शिमला) में दर्ज मामलों के आधार पर दो एफआइआर दर्ज की।
  • 31 जनवरी 2023 : सीबीआइ ने एक साथ सात राज्यों के 50 ठिकानों पर दबिश दी।
  • 11 मार्च 2024 : सीबीआइ ने शिमला की विशेष अदालत में 88 आरोपितों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की।

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