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    कुल्लू की गड़सा घाटी में बादल फटने से ब्यास नदी उफान पर, पंडोह डैम के पांचों गेट खोले; डैहर पॉवर हाउस ठप

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 08 Jul 2026 11:11 AM (IST)

    कुल्लू की गढ़सा घाटी में बादल फटने से ब्यास नदी उफान पर है, जिसके चलते पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए गए हैं और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया ग ...और पढ़ें

    पंडोह बांध के पांचों गेट खोल दिए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    पंडोह बांध के पांचों गेट खोल दिए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. कुल्लू की गढ़सा घाटी में बादल फटने से ब्यास नदी उफान पर।

    2. पंडोह डैम के पांचों गेट खुले, 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

    3. भारी सिल्ट के कारण डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप।

    विशाल वर्मा, पंडोह (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में बादल फटने के बाद ब्यास नदी का जलप्रवाह बढ़ गया है। गढ़सा घाटी में बादल फटने तथा लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ब्यास नदी उफान पर है। इस कारण पंडोह डैम से एहतियात के तौर पर लगभग 28 हजार क्यूसेक पानी आगे की ओर छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    बढ़ी हुई सिल्ट के कारण बग्गी सुरंग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन भी फिलहाल बंद हो गया है। विद्युत एवं यांत्रिक मंडल, पंडोह (बीबीएमबी) के अधिशाषी अभियंता चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में पंडोह डैम के पांचों गेट खुले हुए हैं तथा झील का जलस्तर लगभग 2916 फीट दर्ज किया गया है।

    ब्यास में जितना पानी आ रहा उतना ही आगे छोड़ा जा रहा

    उन्होंने बताया कि डैम के पीछे से ब्यास नदी में जितना पानी आ रहा है, लगभग उतना ही पानी नियंत्रित तरीके से आगे छोड़ा जा रहा है, ताकि जलस्तर सुरक्षित सीमा में बना रहे। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलप्रवाह में बदलाव के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप

    भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण बग्गी सुरंग को बंद करना पड़ा है। सिल्ट कम होने के बाद स्थिति की समीक्षा कर सुरंग को दोबारा चालू किया जाएगा, जिसके बाद डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन भी सामान्य हो सकेगा।

    बीबीएमबी व प्रशासन की अपील

    बीबीएमबी और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ब्यास नदी, नालों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचें। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। पंडोह से मंडी तक स्थापित अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा बीबीएमबी का प्रचार वाहन लगातार लोगों को सतर्क कर रहा है।

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    किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।

    नदी किनारे फोटोग्राफी न करें

    प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी अनुरोध किया है कि नदी किनारे फोटो या वीडियो बनाने के लिए न जाएं और बच्चों को भी जलधाराओं के पास न जाने दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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