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    मनाली हाईवे बनेगा छह लेन, NHAI ने केंद्र में सड़क परिवहन मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; दोगुना हो जाएगा ट्रैफिक

    By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 11:22 AM (GMT+05:30)

    एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार, कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अगले 15 वर्षों में वाहनों की आवाजाही दोगुनी से अधिक हो जाएगी। यातायात दबाव को देखते हुए इस मार्ग ...और पढ़ें

    मनाली हाईवे को छह लेन बनाने की योजना बन रही है। प्रतीकात्मक फोटो

    मनाली हाईवे को छह लेन बनाने की योजना बन रही है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अगले 15 वर्षों में यातायात दोगुना होगा।

    2. 2041 तक वाहनों की आवाजाही 40,705 पीसीयू से अधिक होगी।

    3. बढ़ते ट्रैफिक से निपटने को 2041 के बाद छह लेन बनेगा।

    हंसराज सैनी, मंडी। हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन बन चुके कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर आने वाले वर्षों में वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों और वाणिज्यिक गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर यातायात में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होगी। एनएचएआइ की ओर से मंडी जिले के पंडोह के समीप यातायात लोकेशन पर किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि 15 वर्ष में फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही दोगुनी से भी अधिक हो जाएगी।

    एनएचएआई ने तैयार किया खाका

    रिपोर्ट की मानें तो 2041 तक चार लेन का राजमार्ग वाहनों के दबाव के आगे छोटा पड़ जाएगा, इसे छह लेन का बनाना अनिवार्य हो जाएगा। एनएचएआइ ने 2023 से 2049 तक के यातायात आंकड़ों का खाका तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। 

    तीन साल में कितना बढ़ गया आंकड़ा

    एनएचएआइ के आंकड़ों के मुताबिक 2023 में इस मार्ग पर प्रतिदिन औसतन 16,911 पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) और 4,480 कमर्शियल व्हीकल (सीवीपीडी) दर्ज किए गए थे जो फोरलेन सड़क (सेवा के स्तर-बी) के लिए बिलकुल अनुकूल थे। 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 19,584 पीसीयू और 2038 तक 35,165 पीसीयू तक पहुंचने का अनुमान जताया है। 

    15 साल बाद यह होगी स्थिति

    असली मोड़ 2041 में आएगा, जब प्रतिदिन वाहनों की संख्या 40,705 पीसीयू और कमर्शियल वाहनों की संख्या 10,783 के पार पहुंच जाएगी। इस स्तर पर सड़क का सर्विस लेवल बी से गिरकर सी श्रेणी में आ जाएगा, जिससे यातायात जाम की स्थिति से बचने के लिए इसे छह लेन का करना पड़ेगा।

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    2049 तक 60,000 के पार पहुंचेगी गाड़ियों की गिनती

    इस मार्ग पर वर्ष 2045 में 49,480 पीसीयू और 13,107 भारी वाणिज्यिक वाहन व वर्ष 2049 तक 60,146 पीसीयू और 15,932 कमर्शियल वाहन प्रतिदिन की आवाजाही हो जाएगी। पर्यटन और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील इस मार्ग पर भविष्य में लगने वाले लंबे जाम से बचने के लिए केंद्र सरकार और एनएचएआइ अभी से भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में जुट गए हैं।

    कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर आने वाले 15 वर्ष में यातायात दोगुना हो जाएगा। मार्ग का सर्विस स्तर गिरकर सी श्रेणी में पहुंच जाएगा। ड्राइवर अपनी पसंद की गति से गाड़ी नहीं चला पाएंगे और ओवरटेकिंग थोड़ी कठिन हो जाएगी। इसे देखते हुए इस मार्ग को 2041 के बाद छह लेन में अपग्रेड करना होगा।
    -वरुण चारी, परियोजना निदेशक एनएचएआइ मंडी।

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