SDM स्मृतिका और मंडी जिला प्रशासन को सिविल सर्विस अवार्ड, आपदा में राहत कार्य के लिए हिमाचल दिवस पर होंगे सम्मानित
हिमाचल दिवस पर मंडी जिला प्रशासन और एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी को सिविल सर्विस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 2025 की आपदा में उत्कृष् ...और पढ़ें

आपदा के दौरान फील्ड में एसडीएम स्मृतिका नेगी और उपायुक्त अपूर्व देवगन। जागरण आर्काइव
HighLights
मंडी प्रशासन और एसडीएम स्मृतिका नेगी को मिलेगा अवार्ड।
2025 की आपदा में उत्कृष्ट राहत कार्यों के लिए सम्मान।
हिमाचल दिवस पर किन्नौर में मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानित।
मुकेश मेहरा, मंडी। हिमाचल दिवस पर 15 अप्रैल को सरकार बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करेगी। सरकार की ओर से एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी और जिला प्रशासन मंडी को 2025 की आपदा में बेहतर कार्य करने के लिए सिविल सर्विस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। किन्नौर में होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री से उपायुक्त अपूर्व देवगन मंडी जिला प्रशासन का सम्मान प्राप्त करेंगे, जबकि एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी भी सम्मानित होंगी।
आपदा में दिन-रात किए थे राहत कार्य
2025 में सराज, गोहर, करसोग, धर्मपुर में आई आपदा में उपायुक्त मंडी और प्रशासन की टीम ने दिन-रात राहत कार्य किए थे। गोहर के स्यांज क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था, उस समय वहां का एसडीएम का कार्यभार बल्ह एसडीएम स्मृतिका नेगी के पास था। वहीं सराज, करसोग और धर्मपुर में भारी तबाही हुई थी। सराज में पांच दिन बाद संपर्क हुआ था, तक तक तहसीलदार रजत सेठी ने वहां मोर्चा संभाला था।
पैदल ही सराज पहुंच गए थे एएसपी सागर
एएसपी सागर चंद्र शर्मा भी कई किलोमीटर पैदल ही चलकर सराज पहुंच गए थे। इसके बाद हवाई मार्ग के जरिए उपायुक्त और एसपी सराज पहुंचे थे। उन्होंने वहां फंसे अन्य राज्यों के पर्यटकों को निकाला और अन्य राहत कार्य तेज किए थे। इसके बाद मंडी, सुंदरनगर के रामवन में आई आपदा में मारे गए लोगों के रेस्क्यू में भी उपायुक्त मंडी स्वयं मौजूद रहे थे।
योजनाओं के लिए भी सराहना
इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से पंचायत स्तर पर आरंभ की गई अपना पुस्तकालय योजना और अन्य सुविधाओं को भी जनहित में देखते हुए सरकार ने मंडी प्रशासन को सिविल सर्विस अवार्ड के लिए चुना।
खबरें और भी
स्मृतिका नेगी की बदौलत नितिका को मिली राहत
स्यांज में आपदा में जहां राहत कार्यों में एसडीएम बल्ह स्मृतिक नेगी ने लोगों को राहत देने के लिए दिन रात एक काम किया। वहीं अपने मां-बाप और दादी को खो चुकी नितिका को राहत दिलवाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। स्मृतिका नेगी ने ही उसके खाते खुलवाए और अन्य प्रक्रिया पूरी कर चाइल्ड ऑफ स्टेट का दर्जा दिलाया। इसके अलावा एसडीएम ने मरीजों को उनके घर तक सुविधाएं देने सहित अन्य कार्य शामिल रहे हैं।