पुराने सिक्कों के बदले करोड़ों का सपना दिखाकर मंडी के व्यक्ति से 7.79 लाख की ठगे, रिश्तेदारों के पैसे भी लुटाए
मंडी के सुंदरनगर में पुराने सिक्के बेचने के झांसे में आकर एक ग्रामीण ने अपने और रिश्तेदारों के 7.79 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठगों ने 2.55 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

मंडी के व्यक्ति से पुराने सिक्कों की करोड़ों रुपये कीमत बताकर ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो
संवाद सहयोगी, सुंदरनगर (मंडी)। रातों-रात अमीर बनने का सपना एक बार फिर एक सीधे-सादे ग्रामीण के लिए आर्थिक तबाही का कारण बन गया। मंडी जिले के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के तहत पुराने सिक्कों को करोड़ों रुपये में बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों के बुने जाल में फंसकर एक व्यक्ति ने अपने और रिश्तेदारों के करीब 7,79,250 रुपये गंवा दिए।
सुंदरनगर उपमंडल के बारल गांव के प्रकाश चंद ने बीते दिनों इंटरनेट पर पुराने सिक्कों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक वीडियो देखा था। लालच में आकर उन्होंने वीडियो में दिखाए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले शातिर ने खुद को पुराने सिक्कों का बड़ा खरीदार बताया और प्रकाश चंद से उनके पास मौजूद सिक्कों की तस्वीरें तथा पहचान दस्तावेज वाट्सएप पर मंगवा लिए।
2.55 करोड़ सिक्कों की कीमत सुनते ही डोल गया मन
सिक्कों की फोटो देखते ही साइबर ठगों ने बड़ा दांव खेला। उन्होंने पीड़ित को झासा दिया कि उनके इन सिक्कों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.55 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी रकम का नाम सुनते ही पीड़ित उनके झांसे में आ गया और बिना सोचे-समझे उनकी हर बात मानने लगा।
इस तरह ऐंठते गए पैसे
इतनी मोटी रकम जारी करने के नाम पर जालसाजों ने फाइल चार्ज, टैक्स, ईमेल वेरिफिकेशन, प्रोसेसिंग फीस और डिलीवरी चार्ज जैसी फर्जी दलीलें देकर किस्तों में पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। 13,250 रुपये रिश्तेदारों के जरिए फाइल चार्ज और टैक्स के नाम पर लिए गए। 56,000 रुपये विभिन्न प्रक्रियाओं का हवाला देकर वसूले गए। 5,51,000 रुपये पंजाब नेशनल बैंक (तल्याणा शाखा) के खाते से सीधे ट्रांसफर करवाए। 85,000 रुपये हैदराबाद स्थित एक मित्र के माध्यम से जमा करवाए गए।
एमडी का बेटा बनकर मांगी 10.70 लाख की और रकम
हद तो तब हो गई जब खुद को कंपनी के एमडी जगन्नाथ का बेटा बताने वाले एक व्यक्ति ने फोन कर कहा कि पहले भेजी रकम दूसरे राज्य से आने के कारण भुगतान रद हो गया है। उसने पीड़ित पर 17 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया और फर्जी छूट का नाटक करते हुए 10.70 लाख रुपये तुरंत मांगे।
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लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
क्या कहते हैं एसपी मंडी
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम स्टेशन में जीरो एफआइआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
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