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    मंडी नगर निगम के बैहना वार्ड में चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार, सभी प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिए

    By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 06 May 2026 03:54 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश के मंडी नगर निगम के वार्ड नंबर 14 बैहना में सभी प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिए हैं। यह फैसला क्षेत्र के निवासियों द्वारा पंचायत बहा ...और पढ़ें

    नगर निगम मंडी के बैहना वार्ड के प्रत्याशी नामांकन वापस लेते हुए।

    नगर निगम मंडी के बैहना वार्ड के प्रत्याशी नामांकन वापस लेते हुए।

    HighLights

    1. मंडी के वार्ड 14 बैहना में सभी प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिए।

    2. निवासी बैहना को पुनः पंचायत का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

    3. विकास की कमी और संपत्ति कर के विरोध में सामूहिक बहिष्कार।

    जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत व शहरी निकाय चुनाव के लिए राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच नगर निगम मंडी के वार्ड नंबर 14 बैहना में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने सामूहिक रूप से अपने नाम वापस ले लिए हैं। इस निर्णय के साथ ही अब 17 मई को बैहना वार्ड में मतदान की प्रक्रिया संपन्न नहीं होगी।

    पंचायत बहाली की मांग पर अड़ी जनता

    स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लंबे समय से सुलग रहा था। बैहना क्षेत्र के निवासियों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें नगर निगम के दायरे से बाहर कर पुनः पंचायत का दर्जा दिया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर निगम में शामिल होने के पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों के लिए मंडी शहर के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    गृह एवं संपत्ति कर को लेकर गहराया आक्रोश

    विकास कार्यों की कमी के साथ-साथ आर्थिक बोझ ने भी जनता के गुस्से को हवा दी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूर्व सरकार ने आश्वासन दिया था कि पांच वर्षों तक गृह व संपत्ति कर में छूट दी जाएगी। इसके विपरीत, महज तीन वर्ष के भीतर ही कर की उगाही शुरू कर दी गई। लोगों का तर्क है कि जब सुविधाएं पंचायत स्तर की भी नहीं मिल रही हैं, तो वह शहरी करों का भुगतान क्यों करें? ग्रामीणों द्वारा गठित संघर्ष समिति ने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों को दो टूक चेतावनी दी थी। 

    समिति की चेतावनी के बाद प्रत्याशियों ने लिया फैसला

    समिति का कहना था कि यदि राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी मैदान से नहीं हटाए, तो इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। ग्रामीणों के कड़े विरोध को देखते हुए भाजपा प्रत्याशी गुरबचन सिंह, कांग्रेस के धनदेव, भाजपा के असंतुष्ट पूर्व पार्षद कृष्ण भानु सहित मनसा राम ने निर्दलीय नामांकन पत्र भरा था।

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    अब 14 वार्ड में ही होंगे चुनाव

    दोनों मुख्य दलों के बीच बनी आपसी सहमति और जनता के दबाव के आगे निर्दलीयों ने भी अपने कदम पीछे खींच लिए। अब नगर निगम मंडी के शेष 14 वार्डों में ही चुनावी रण सजेगा। बैहना वार्ड का यह सामूहिक बहिष्कार प्रशासन और सरकार के लिए भविष्य की बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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