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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shardiya Navratri 2023: हिमपात भी नहीं रोक पाया आस्‍था के कदम, श्रद्धालुओं ने शिकारी देवी मां के किए दर्शन

    By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
    Updated: Mon, 16 Oct 2023 10:48 AM (IST)

    Shardiya Navratri 2023 शारदीय नवरात्र पर हिमपात भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाया। दो घंटों तक हुई बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन क ...और पढ़ें

    श्रद्धालुओं ने शिकारी देवी मां के किए दर्शन
    श्रद्धालुओं ने शिकारी देवी मां के किए दर्शन

    HighLights

    1. सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी के यहां सुबह चार बजे के करीब बर्फबारी आरंभ हुई।
    2. 15 नवंबर के आसपास कपाट बंद कर दिया जाएंगे, जो चार व पांच मार्च के आसपास खुलेंगे।

    जागरण टीम, मंडी/थुनाग। शारदीय नवरात्र रविवार को शुरू होते ही जिलेभर के मंदिरों में श्रद्धाल का सैलाब उमड़ पड़ा। शिकारी देवी के दर्शनों के लिए खराब मौसम भी आस्था के कदमों को नहीं रोक पाया। दो घंटों तक हुई बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।

    सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी के यहां सुबह चार बजे के करीब बर्फबारी आरंभ हुई। इसके अलावा समूचे सराज में वर्षा और ऊंची चोटियों में बर्फबारी से थुनाग उपमंडल समेत मंडी जिला ठंड की चपेट में आ गया है।

    शिकारी माता मंदिर में बर्फबारी

    कार्यकारी एसडीएम थुनाग तहसीलदार थुनाग अमित कल्थाईक ने शिकारी माता मंदिर में बर्फबारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि मौसम देखकर ही शिकारी देवी माता के दर्शन के लिए निकलें। 15 नवंबर के आसपास कपाट बंद कर दिया जाएंगे, जो चार व पांच मार्च के आसपास खुलेंगे। पिछले वर्ष भी दूसरे नवरात्र में बर्फबारी हुई थी।

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    नवरात्र में माता शिकारी के पास लगाई हाजिरी

    रविवार को ही एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा ने पहले नवरात्र में माता शिकारी के पास हाजिरी लगाई और आशीर्वाद लिया। शारदीय नवरात्र में शहर के टारना माता, भीमाकाली समेत बल्ह घाटी में कोयला भगवती, मां हाटेश्वरी तथा सुंदरनगर के शीतला माता मंदिर में सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही। श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़े हो कर दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

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    शरद नवरात्र पर निकाली गई यात्रा

    बल्हघाटी के हाटेश्वरी माता मंदिर में नवरात्र के सभी नौ दिन मंदिर कमेटी व अन्य दानी सज्जनों के सहयोग से भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है। माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले स्रद्धालुओं को अपने वाहन पार्क करने की भी मंदिर परिसर में उचित व्यवस्था की गई है। बल्हघाटी के कोयला माता मंदिर प्रबंधन कमेटी के मुख्य सलाहकार भीम चंद सरोच ने बताया कि रविवार को शरद नवरात्र पर यात्रा निकाली गई।

    रोजाना किया जा रहा भंडारे का आयोजन

    मंदिर में शतचंडी पाठ शुरू हो गया है। सुबह दस बजे से तीन बजे तक रोजाना भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। अष्टमी को जगराते का भी आयोजन किया जाएगा। नवमीं को अंतिम दिन पूर्णाहुति के बाद भंडारा लगाया जाएगा। हटगढ़ स्थित माता हाटेश्वरी के मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया। मंदिर कमेटी के प्रधान नंद लाल ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

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    इसके अलावा सुंदरनगर में माता शीतला माता मंदिर, मंडी शहर में माता भीमाकाली, भद्रकाली माता, सिद्धकाली, बगलामुखी, खुआरानी. चामुंडा मंदिर, रविनगर स्थित बज्रेश्वरी माता मंदिर, रिवालसर में नैना देवी. महामाया मंदिर, मुरारी माता, शिकारी देवी सहित जोगेंद्रनगर क्षेत्र के बसाही स्थित माता चतुर्भुजा समेत अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की पहले नवरात्र को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। साप्ताहिक अवकाश होने के कारण लोग परिवार सहित माता के दर्शन के लिए पहुंचे।