Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'बच्चा न होने पर आशिमा को करते थे प्रताड़ित', शिक्षिका मौत मामले में न्याय के लिए सड़क पर उतरे रिश्तेदार

    By Kulbhushan Chabba Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 03:32 PM (IST)

    सुंदरनगर में शिक्षिका आशिमा की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और एसआइटी गठन की मांग को लेकर परिजनों व सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

    सुंदरनगर में आशिमा मौत मामले में प्रदर्शन करते लोग। जागरण

    सुंदरनगर में आशिमा मौत मामले में प्रदर्शन करते लोग। जागरण

    HighLights

    1. शिक्षिका आशिमा की संदिग्ध मौत पर सुंदरनगर में प्रदर्शन।

    2. परिजनों ने निष्पक्ष जांच और एसआइटी गठन की मांग की।

    3. संतान न होने पर प्रताड़ना, पुलिस जांच पर सवाल।

    संवाद सहयोगी, सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में शिक्षिका आशिमा की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में निष्पक्ष जांच और विशेष जांच दल (एसआइटी) के गठन की मांग को लेकर स्वजन तथा ह्युमन राइट्स इंटरनेशनल फेडरेशन के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने सुंदरनगर में प्रदर्शन किया। महाराणा प्रताप चौक से एसडीएम कार्यालय तक रोष रैली निकालने के बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुक्खू को ज्ञापन सौंपा गया।

    बच्चा न होने पर प्रताड़ित करते थे 

    मृतका के पिता सुलेमान अंसारी ने पुलिस और फोरेंसिक टीम पर घोर लापरवाही व आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को जयदेवी में आशिमा की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। स्वजन का दावा है कि संतान न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था। 

    पुलिस जांच पर उठाए सवाल

    ज्ञापन में पुलिस जांच की गंभीर विसंगतियां उजागर की गईं। स्वजन के अनुसार, घटना की सूचना मिलने से पहले पति का वकील से बात करना, बार-बार मिस काल आना और सामान्य रूप से आफिस से निकलना संदेह पैदा करता है। 

    गहनों का बैग नहीं हुआ बरामद

    साथ ही, आशिमा का बैग जिसमें करीब 16 लाख रुपये के सोने के गहने व जरूरी दस्तावेज थे अब तक बरामद न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय न मिला तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: HRTC के बेड़े में शामिल हुईं 297 इलेक्ट्रिक बसें, CM सुक्खू ने दिखाई हरी झंडी; डीजल पर निर्भरता होगी कम