यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Politics: 'विधायकों की बगावत के बाद अब रेवडियां बांट रहे CM...', भाजपा MLA जमवाल ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
Himachal Politics हिमाचल में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, शिमला। Himachal Political Crisis: सुंदरनगर से भाजपा विधायक व मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने सीएम ठाकुर सुखविंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस में खुलकर कलह मची हुई है। कभी कैबिनेट मीटिंग से मंत्री नाराज होकर बाहर निकलते हैं तो कभी कैबिनेट मीटिंग ही रद्द कर दी जाती है।
जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस बात को कहते हैं कि 80 प्रतिशत विधायक उनके संपर्क में हैं। इसका अर्थ साफ है कि 20 प्रतिशत विधायक सुखविंदर सिंह को मुख्यमंत्री नहीं मानते। कांग्रेस के इसी कलह से लगता है कि सरकार में भारी फूट है और सरकार जल्द ही अपने ही भार से डूब जाएगी।
कानून व्यवस्था खराब कर रही कांग्रेस: जमवाल
विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि केवल गुटबाजी ही नहीं इस पूरे प्रकरण में जनता पीड़ित है व जिस प्रकार इन विधायकों के गृह क्षेत्र में कांग्रेस सरकार लोगों को उकसा कर प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की विधायकों को जो शब्दावली प्रयोग में लायी वह सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
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खिसकती दिख रही कांग्रेस की सत्ता: भाजपा विधायक
विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए सुक्खू सरकार में जिस तरह ताजपोशियां की जा रही सरकार यह बताए कि अभी तक तो आपके पास प्रदेश चलाने के लिए हिमाचल सरकार के पास पैसा नहीं था, पर आज जब अपने हाथ से सत्ता खिसकती दिख रही तो हर उस विधायक जो उन्हें खिसकता दिख रहा,उन्हें कैबिनेट रैंक से नवाजा जा रहा है।
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राकेश ने प्रदेश सरकार को लताड़ते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सरकार में आपसी सांमजस्य नहीं है तो उसका भुगतान प्रदेश की भोली भली जनता क्यों करें ? गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार लोगों को झूठी गारंटीयों के दीवास्वप्न दिखा कर बनी है। आज कर्ज में डूबा प्रदेश किस प्रकार इन कैबिनेट रैंक भर्तियों का बोझ उठायगा इस पर भी मुख्यमंत्री कोई विचार कर रहे हैं या नहीं।